Lucknow: अमृत महोत्सव पर जनता दर्शन के लिए रखा चंद्रशेखर आजाद का अस्थि कलश, लोगों का उमड़ा हुजूम

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अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ. दुश्मन की गोलियों का सामना हम करेंगे…आजाद हैं आजाद ही रहेंगे. क्रांतिकारी अमर शहीद वीर चंद्रशेखर आजाद की इन पंक्तियों को हमेशा उनके नाम के साथ याद किया जाता है. आजादी का दिवस करीब हो और चंद्रशेखर आजाद की बात न हो ऐसा संभव नहीं है. यही वजह है कि चंद्रशेखर आजाद का अस्थि कलश उत्तर प्रदेश राज्य संग्रहालय में गुरुवार को प्रदर्शित किया गया. इस कलश को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई. लोगों ने इस कलश को अपने कैमरे में कैद किया. वहीं, राज्य संग्रहालय के निदेशक आनंद कुमार सिंह ने चंद्रशेखर आजाद की फोटो और उनके कलश पर माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की.

देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चंद्रशेखर आजाद का यह ऐतिहासिक अस्थि कलश चंद्रशेखर आजाद के अंतिम संस्कार के बाद स्वर्गीय शिव विनायक मिश्र ने अपने पास सुरक्षित रख लिया था. लंबे वक्त तक यह अस्थि कलश उनके पास सुरक्षित रखा रहा.

अस्थि कलश है चंद्रशेखर आजाद की अहम निशानी
वहीं, 1 अगस्त 1976 को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से एक शोभायात्रा निकाली गई. वाराणसी से होते हुए यह शोभायात्रा 10 अगस्त 1976 को उत्तर प्रदेश के राज्य संग्रहालय में आकर समाप्त हुई. जहां पर आज भी यह अस्थि कलश रखा हुआ है. यह अस्थि कलश चंद्रशेखर आजाद की निशानियों में से एक महत्वपूर्ण निशानी मानी जाती है, जो कि लखनऊ के राज्य संग्रहालय में रखी हुई है. राज्य संग्रहालय के निदेशक आनंद कुमार सिंह ने इस अवसर पर कहा कि चंद्रशेखर आजाद के बलिदान को कोई भी नहीं भूल सकता. उन्होंने भारत देश की आजादी की लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस अस्थि कलश को अमृत महोत्सव के अवसर पर इसलिए प्रदर्शित किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा यहां पर आएं और उनके बलिदान से रूबरू हो सकें, साथ ही इसके दर्शन भी कर सकें.

Tags: Azadi Ka Amrit Mahotsav, Chandrashekhar Azad, Lucknow city, Lucknow news



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