Lucknow : सोने के पानी से लिखी नायाब ‘कुरान’ देखना है? मौका फिर नहीं आएगा! पता नोट कर फटाफट पहुंचिए

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लखनऊ. सोने से लिखी हुई दो सदी पुरान कुरान के दीदार अगर करना चाहते हैं तो फौरन लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंच जाइए. लखनऊ विश्वविद्यालय चूंकि 102 साल का होने जा रहा है इसलिए 25 नवंबर को दीक्षांत समारोह है. इसी संदर्भ में लखनऊ यूनिवर्सिटी की टैगोर लाइब्रेरी को आम जनता के लिए खोला गया है. 24 और 25 नवंबर को आम लोग यहां आकर टैगोर लाइब्रेरी के अनूठे दर्शन कर सकते हैं. यहां पहले दिन छात्र-छात्राओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही सोने के पानी से लिखी गई कुरान.

जी हां टैगोर लाइब्रेरी में सोने के पानी से लिखी गई एक कुरान मौजूद है. टैगोर लाइब्रेरी की सीनियर डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. ज्योति मिश्रा ने बताया कि यह कुरान बहुत ही प्राचीन है. इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है. साथ ही विश्विद्यालय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अवध के शासक मुहम्मद अली शाह जिन्होंने अवध पर 1837 से लेकर 1842 तक राज किया था, जोकि अमजद अली शाह के पिता थे और अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह के दादा. उन्होंने इस कुरान को सोने के पानी से लिखवाया था. ऐसी अनोखी, ऐतिहासिक और अद्भुत कुरान लखनऊ के लखनऊ विश्वविद्यालय में मौजूद है. हालांकि किसी भी अधिकारी को नवाबों से लेकर यहां तक पहुंचने की सटीक जानकारी नहीं है.

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने बताया कि 25 नवंबर को दीक्षांत समारोह के अवसर पर टैगोर लाइब्रेरी दो दिन के लिए आम लोगों के लिए खुली रहेगी. इस लाइब्रेरी में सैकड़ों साल पुरानी सोने के पानी से लिखी कुरान जो आकर्षण का केेंद्र है. इसके साथ ही, राधा कलम मुखर्जी आर्ट गैलरी, कलाकृतियों से लेकर काफी यूनीक चीजों का संग्रहालय हैं. ऐतिहासिक महत्व को समझने के लिए इसे आप भी देख सकते हैं, लेकिन मौका बस आज शुक्रवार का ही है.

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FIRST PUBLISHED : November 25, 2022, 09:51 IST



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