Lucknow: 30 साल से कायम है लखनऊ की बास्केट चाट की बादशाहत, देश-विदेश में लाखों दीवाने, जानें खासियत

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रिपोर्ट-अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ. रॉयल कैफे की बास्केट चाट ना सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है. इसका स्वाद चखने के लिए नेता अभिनेता सब मुरीद हैं. बास्केट चाट के मशहूर होने के पीछे इसका बेमिसाल स्वाद है. आइए आपको मिलवाते हैं बास्केट चाट को बनाने वाले हरदयाल मौर्य से जो कि पूरे देश में चाट किंग के नाम से मशहूर हैं. इन्होंने 1992 में लखनऊ में बास्केट चाट की शुरुआत की थी और देखते ही देखते पूरी दुनिया में इनकी बास्केट चाट की दीवानी हो गई.

यही नहीं, यूट्यूब पर लाखों लोग इनको फॉलो भी करते हैं. एक समय था जब इनके घर में खाने के लिए भी नहीं था और आज हरदयाल मौर्य यानी चाट किंग पूरी दुनिया को अपनी बास्केट चाट खिला रहे हैं. आइए जानते इसके पीछे की पूरी कहानी.

5 साल की उम्र में छोड़ा घर
हरदयाल मौर्य 5 साल के थे जब उनका खेत मात्र 6 हजार रुपये में नीलाम हो गया था. इनके पिता ने बैंक से कर्जा लिया था जिसे वह चुका नहीं पाए थे. बेहद गरीबी में इन्होंने अपना बचपन काटा और जब खाने के भी लिए घर में कुछ नहीं था, तब पिता का सहारा बनने के लिए अपना घर और अपने परिवार को छोड़कर 1980 में लखनऊ आ गए. लखनऊ में फुटपाथ पर रातें बिताईं, किसी ने कुछ दे दिया तो खा लेते थे. फिर एक दिन इनकी मुलाकात रॉयल कैफे के मालिक से हुई. उन्होंने पहली बार इनको छोटू नाम दिया और अपने रेस्टोरेंट में काम दिया. हरदयाल के पिता आलू कचालू बनाते थे. अपने पिता के आलू कचालू को ही बास्केट चाट के रूप में इन्होंने नए तरीके से पेश किया है.

ऐसे हरदयाल से बने चाट किंग
दरअसल हरदयाल को रॉयल कैफे में काम करते हुए लंबा वक्त हो गया था. इस बीच कई पत्रकार आए तो उन्‍होंने कुछ स्‍पेशल बनाकर खिलाने के लिए कहा. उस वक्त उन्होंने पहली बार अपने पिता के आलू कचालू को नए रूप में पेश करते हुए उसमें तमाम अलग-अलग चीजों को डालकर बनाया था. यह पत्रकारों को काफी पसंद आया था वह हरदयाल की फोटो खींचकर ले गए थे और अखबारों में छाप दी थी. अखबार में फोटो आने के बाद से यह चाट किंग के नाम से मशहूर हो गए और तब से लेकर आज तक इनके स्टारडम का सिलसिला खत्म नहीं हुआ. 1992 से बास्केट चाट की शुरुआत हुई थी. आज यूट्यूब पर इनको लाखों लोग फॉलो करते हैं और देश-विदेश में भी इन्होंने लोगों को बास्केट चाट बनाना सिखा दिया है.

इस तरह बनती है बास्केट चाट
सबसे पहले बास्केट चाट बनाने के लिए आलू की एक छोटी सी टोकरी तैयार की जाती है, उसमें लपेटू छोले, दही बड़ा,आलू की टिक्की, पापड़ी, कुटी धनिया, कुटी हुई मिर्च, चाट मसाला, जीरा, मुरमुरे, तीखी चटनी, मीठी चटनी और अनार के दाने डाले जाते हैं. इसके बाद इसमें हाजमोला चटनी डाली जाती है और बस बनकर तैयार हो जाती बास्केट चाट. इसकी कीमत 200 रुपये है. इसे बनाने में करीब 5 से 10 मिनट का समय लगता है.

Tags: Chaat, Food business, Lucknow News Today



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