Meerut: समाज की सोच पर अर्जुन अवार्डी अलका की एक और जीत, गांव में शुरू की कुश्ती अकादमी

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मेरठ. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती के दांव पेच से बड़े-बड़े पहलवानों को चित करने वाली मेरठ के गढ़ रोड के विभिन्न गांव की बेटियों को अब प्रशिक्षण के लिए मेरठ शहर आने की आवश्यकता नहीं है. वह सिसौली गांव में ही कुश्ती के सभी दांव-पेच सीख पाएंगी. दरअसल अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित अलका तोमर ने अपने सपने को पूरा करते हुए अपने गांव सिसौली में ही कुश्ती एकेडमी का निर्माण कर दिया है. ऐसे में अब जो भी ग्रामीण अंचल की बेटी सीसीएसयू आकर कुश्ती की प्रैक्टिस करती थीं, वह सभी अपने गांव में ही इसकी प्रैक्टिस कर सकेंगी.

News 18 local से खास बातचीत करते हुए अर्जुन अवार्ड से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी अलका तोमर ने कहा, ‘उनका सपना था कि उनके गांव में ही कुश्ती की एकेडमी हो, ताकि यहां की बेटियों को शहर जाकर प्रैक्टिस ना करना पड़े. वह यहीं प्रैक्टिस कर सकें. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने गांव में ही कुश्ती एकेडमी का निर्माण किया है.’ इसके साथ उन्‍होंने कहा कि इस एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मांगों के अनुरूप कुश्ती की तैयारियां कराई जाएंगी. इसके लिए सभी प्रबंध किए जा रहे हैं.

खिलाड़ियों ने अकेडमी का किया स्वागत
मेरठ के दारा सिंह कुश्ती स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाली अधिकतर महिला खिलाड़ी अब सिसौली में ही प्रैक्टिस कर रही हैं. News 18 LOCAL से बात करते हुए उन्होंने बताया कि अलका दीदी द्वारा यहां पर जो कुश्ती स्टेडियम का निर्माण किया है. उससे उन्हें काफी राहत मिली है. पहले उन्हें मेरठ शहर जाना पड़ता था जिससे आने जाने में काफी पैसे भी खर्च होते थे, लेकिन जब गांव के पास ही उन्हें की सभी सुविधाएं मिल रही हैं. वही जो आने जाने में भी समय लगता था, वह उस समय भी प्रैक्टिस कर सभी दांव सीख रही हैं.

बताते चलें कि 1998-1999 के बीच जब उत्तर प्रदेश में महिला कुश्ती गेम में कोई भी बेटी प्रतिभाग नहीं करती थी. उस दौर में अलका तोमर ने शुरुआत की थी. उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सभी प्रतियोगिताओं में मेडल प्राप्त किए हैं. इतना ही नहीं उनके बाद अन्य बेटियां भी नेशनल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरठ का नाम रोशन कर रही हैं.

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FIRST PUBLISHED : November 15, 2022, 13:58 IST



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