MEERUT: हॉस्टल के लिए छात्रों की अनोखी मुहिम, कोई मांग रहा भीख तो किसी ने किया हवन

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मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मेरठ कॉलेज में हॉस्टल को लेकर विवाद गहरा रहा है. हॉस्टल को बचाने के लिए छात्र नेता और छात्रों ने आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है. ये छात्र अनिश्चितकाल के लिए दिन-रात धरने पर बैठे हुए हैं. उनकी यही मांग है कि, जब तक उनका हॉस्टल नहीं खुलेगा तब तक वह धरने से नहीं उठेंगे.

गौरतलब है कि, हॉस्टल खुलवाने के लिए स्टूडेंट नए-नए प्रकार के उपयोग भी कर रहे हैं. पिछले 3 सालों से बंद पड़े दोनों हॉस्टलों की मरम्मत कराने के लिए जब कॉलेज प्रशासन ने नहीं सुनी तो छात्रों ने अन्य छात्रों से कॉलेज परिसर में घूम-घूम कर भीख भी मांगी. भीख में एकत्रित हुए सभी पैसों को कॉलेज प्रशासन के समक्ष रखा. इतना ही नहीं छात्रों ने कहा कि, पैसे से हॉस्टल की मरम्मत कराई जाए. साथ ही ये भी कहा कि,पैसों की कमी होने पर इसी प्रकार से भीख मांगते हुए पैसे एकत्रित करके देंगे. इस दौरान दूसरी ओर छात्रों द्वारा एक हवन भी किया गया.

मेरठ कॉलेज की विरासत होते थे हॉस्टल

मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम मलिक ने NEWS 18 LOCAL से बात करते हुए बताया कि, मेरठ कॉलेज की विरासत हॉस्टलों को माना जाता था. इन हॉस्टल में गरीब वंचित छात्र-छात्राएं रहकर पढ़ते थे. जो दूर-दराज से मेरठ कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए आते थे. एक दौर था कि, मेरठ कॉलेज और हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिल पाता था. लेकिन आज हॉस्टल की बात की जाए तो 6 हॉस्टल में से मात्र दो ही हॉस्टल बचे हैं. अन्य सभी हॉस्टल खंडहर बन गए हैं और जो दो हॉस्टल बचे हैं. उसमें छात्रों के लिए बीएनएम हॉस्टल और छात्राओं के लिए सरस्वती छात्रावास है. जिन्हें खुलवाने के लिए यह प्रदर्शन चल रहा है.

कॉलेज प्रशासन ने तैयार की रिपोर्ट

NEWS 18 LOCAL से खास बातचीत करते हुए मेरठ कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसएन शर्मा ने बताया कि, छात्रों के हितों को देखते हुए हॉस्टल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जिसके लिए की रिपोर्ट भी तैयार की है. उनका कहना है कि, छात्रों के हितों के साथ उनकी सुरक्षा भी कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसी वजह से हॉस्टल की सभी समीक्षाएं की जा रही है. 2 साल से हॉस्टल बंद है. ऐसे में हॉस्टल की मरम्मत सहित सभी कार्य कराने हैं. उसके लिए विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी. जिससे कि भविष्य में कोई बड़ा हादसा हॉस्टल में ना हो. उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन हॉस्टल खोलने के हित में है, लेकिन उससे पहले जो प्रक्रियाएं हैं उनको पूरा किया जाएगा.

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FIRST PUBLISHED : November 24, 2022, 14:09 IST



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