Moradabad: मुरादाबाद में खाद की किल्लत, गेहूं की बुवाई को लेकर किसान परेशान

0
13


रिपोर्ट- पीयूष शर्मा

मुरादाबाद: असमय बारिश का होना किसानों के लिए संकट बन गया है. हाल ही में यूपी समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में तेज बारिश के बाद नहर तालाबों में भी पानी भर गया था. जिसके बाद सारा पानी खेत में गया. अब धान की फसल की कटाई हो रही है. वहीं दूसरी तरफ गेहूं की बुवाई का समय आ गया है. ऐसे में किसानों को गेहूं बोने के लिए खाद की आवश्यकता रहती है. जिससे किसान बीज के साथ खाद का मिश्रण कर अपनी गेहूं की फसल की बुवाई करते हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में खाद की किल्लत देखने को मिल रही है. प्राइवेट और सरकारी दोनों ही केंद्रों पर खाद प्रयाप्त मात्रा में नहीं है.

खाद ना मिलने के कारण किसानों की फसल भी लेट होती जा रही है. बीते दिनों ही खाद ना मिलने से परेशान ब्लाक क्षेत्र के गोपीवाला के किसानों ने समिति पर प्रदर्शन किया था. इसके साथ ही जगह-जगह खाद की मांग को लेकर किसान परेशान नजर आ रहे हैं. लेकिन जिला प्रशासन का इस और कोई ध्यान नहीं है. कृषि अधिकारी दावा कर रहीं हैं कि मुरादाबाद के सरकारी और प्राइवेट दोनों ही केंद्रों पर खाद उपलब्ध हो गया है.

700 निजी केंद्र और 53 सरकारी केंद्र
जिला कृषि अधिकारी ऋतुजा तिवारी ने न्यूज 18 लोकल को बताया कि मुरादाबाद में खाद के 700 निजी केंद्र और 53 सरकारी केंद्र है. इस समय किसानों का गेहूं की बुवाई का कार्य चल रहा है. जिसमें किसानों को डीएपी और एनपीके खाद की आवश्यकता होती है. इस बार किसानों की एनपीके खाद की मांग ज्यादा है. जिसको देखते हुए बीते मंगलवार को एनपीके और डीएपी की टोटल 36 मेट्रिक टन की रेक इफको की लगी है. जिसको प्राथमिकता के आधार पर प्राइवेट और सहकारी समितियों पर भिजवाया है. जिसमें किसानों की खाद की मांग को बिना किसी समस्या के पूरा किया जा रहा है.

कृषि विभाग की लापरवाही से किसान परेशान
जब अन्नदाता ही कृषि विभाग की लापरवाही के चलते परेशान होगा तो फिर अन्न कहां से आएगा. यही वजह है कि मुरादाबाद में कृषि विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को खाद ना मिलने के कारण परेशानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. जिससे किसानों की गेहूं की बुवाई की फसल भी लेट हो गई है.

सरकारी और प्राइवेट दोनों जगह नहीं है खाद
किसान यशवीर सिंह ने न्यूज 18 लोकल को बताया कि दुकानों पर जा रहे हैं तो खाद नहीं मिल रहा है. हम प्राइवेट और सरकारी दोनों दुकानों पर गए थे. लेकिन दोनों जगह एनपीके खाद नहीं मिला. खाद की दुकानों पर यही कह दिया जाता है कि अभी खाद आया नहीं है. अब समझ आ नहीं रहा है कि खाद लेने कहां जाएं.

Tags: Moradabad News, Up news in hindi



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here