MPhil one year course, but even in four years 200 students of 22 subjects did not get degree | एमफिल एक साल का कोर्स, पर चार वर्षों में भी 22 विषयों के 200 छात्रों को नहीं मिली डिग्री

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रांची2 घंटे पहले

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  • रांची विवि, तीन माह पहले एमफिल फर्स्ट सेमेस्टर की हुई थी परीक्षा, जिसका नहीं आया है रिजल्ट

रांची विश्वविद्यालय के 22 पीजी विभागों में एक साल का एमफिल कोर्स पढ़ाया जाता है। प्रत्येक विभाग में 10 स्टूडेंट्स का नामांकन होता है। लेकिन, पिछले चार साल (सत्र 2018-19) से एमफिल की पढ़ाई नहीं हुई है। स्थिति यह है कि फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा पिछले साल 28 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चली थी, रिजल्ट अभी तक नहीं आया है। रिजल्ट आने के बाद सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा होगी।

इस लेटलतीफी के लिए रांची विवि प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेवार है। वहीं, छात्रों का कहना है कि इतने साल में बीटेक, एलएलबी की पढ़ाई पूरी हो जाती है। आखिर एक साल का कोर्स पूरा करने के लिए और कितने साल इंतजार करना पड़ेगा।

छात्रों ने कहा, चार साल में बीटेक और एलएलबी की पढ़ाई पूरी हो जाती है इसलिए, एमफिल करते हैं छात्र

  • 1. शोध (रिसर्च) में रुचि रखनेवाले स्टूडेंट्स एमफिल करते हैं। इसमें रिसर्च करने के तरीके की पूरी जानकारी मिल जाती है।
  • 2. एमफिल कर चुके छात्रों को पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेस टेस्ट नहीं देना पड़ता है।
  • 3. पीएचडी करने में एक साल के समय की भी बचत होती है। एमफिल कोर्स वाले दो साल में पीएचडी कर सकते हैं। जबकि, अन्य तीन साल में करते हैं।

क्या कहते हैं एमफिल स्टूडेंट्स

  • हेमंत कुमार : मैंने रांची विवि के एमफिल कोर्स में एडमिशन लेकर गलती कर दी। एक साल का कोर्स चार साल में भी पूरा नहीं हुआ है। इसका सीधा असर पीएचडी रिसर्च पर पड़ेगा।
  • अब्दुल कादिर : रांची विवि के एमफिल कोर्स में एडमिशन लेने का मतलब है समय बर्बाद करना। आखिर विलंब की भी कोई सीमा होती है। करियर प्रभावित हो रहा है।
  • पंकज महतो : रांची विवि में एमफिल कोर्स दो सेमेस्टर का है। चार साल में एक सेमेस्टर की परीक्षा हुई है, जिसका रिजल्ट नहीं आया है। सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा कब होगी, यह पता नहीं है।

एक साल बचत के चक्कर में तीन साल बर्बाद : छात्रों ने कहा कि एमफिल कोर्स में एडमिशन एक साल बचत को ध्यान में रखकर लिया था। क्योंकि एमफिल करने वाले दो वर्ष में पीएचडी रिसर्च वर्क पूरा कर सकते हैं। लेकिन यहां एक साल बचत के चक्कर में तीन साल बर्बाद हो गया है।

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