Naxalites released kidnapped pmgsy sub engineer ajay roshan lakra in bijapur wife arpita started crying cgnt – नक्सली कैद से छूटे इंजीनियर को देख लिपटकर रोने लगी पत्नी, बोली

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रायपुर/बीजापुर. छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक सब इंजीनियर का अपहरण कर लिया था. बीते 11 नवंबर को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सब इंजीनियर अजय रोशन लाकड़ा को उसके चपरासी के साथ नक्सलियों ने अगवा किया था. 6 दिन बाद 17 नवंबर को नक्सलियों ने एक जन अदालत लगाकर रोशन लाकड़ा को रिहा कर दिया. पति की रिहाई के लिए 6 दिन से जंगलों में भटक रही उनकी पत्नी अर्पिता लाकड़ा ने जैसे ही रोशन को देखा तो उनसे लिपट गई.

पति की रिहाई के बाद पत्नी अर्पिता ने कहा कि मुझे पता है आप बहुत स्ट्रॉन्ग हैं. हमने पहले भी कई परेशानियों का सामना किया है. इस मामले में भी आपकी कोई गलती नहीं है. मैंने हिम्मत नहीं हारी, आपकी तलाश करती रही. हमने अपने 10 साल की जिंदगी में कई कठिनाइयां झेली हैं. आगे भी हिम्मत नहीं हारेंगे. पत्नी अर्पिता अपने पति से लिपट कर रोने लगीं. अर्पिता अपने बच्चे के साथ 12 नवंबर से स्थानीय पत्रकारों की मदद से पति की तलाश जंगलों में कर रही थीं. इसी बीच नक्सलियों द्वारा जन अदालत की सूचना पर वे अंदरूनी इलाके में पहुंची. वहां नक्सलियों ने चेतावनी देकर अजय रोशन लाकड़ा को रिहा कर दिया.

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ठेकेदार समझकर ले गए थे नक्सली

अजय रोशन लाकड़ा की नक्सलियों से रिहाई के दौरान मौजूद रहे बीजापुर के स्थानीय पत्रकार मुकेश चन्द्राकर ने बताया कि ग्रामीणों ने सब इंजीनियर को छोड़ने की बात जनआदलत में कही. इसके बाद उन्हें छोड़ा गया. रिहाई के बाद रोशन लाकड़ा ने बताया कि उन्हें सड़क निर्माण का ठेकेदार समझकर नक्सली अपने साथ ले गए थे. वे 11 नवंबर को मनकेली गोरेना गांव में निरीक्षण के लिए गए थे. इसी दौरान नक्सली आए और उन्हें अपने साथ लेकर चले गए. बता दें कि 12 नवंबर तक जब रोशन नहीं लौटे तो नक्सलियों द्वारा अपहरण की आशंका जताई गई. इसके बाद से ही सब इंजीनियर की पत्नी अर्पिता लकड़ा जंगलों में अपने बच्चे को लेकर भटक रही थी. उन्होंने अपने पति को अच्छा इंसान बताते हुए नक्सलियों से दया की अपील की थी.

चपरासी को पहले ही छोड़ दिया था

गौरतलब है कि बीजापुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कार्यरत सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा और चपरासी लक्ष्मण परतगिरी 11 नवंबर को सड़क निर्माण का काम देखने के लिए मनकेली-गोरला गांव की तरफ गए थे. वहीं दोनों का अपहरण कर लिया गया था. इसके बाद 13 नवंबर को नक्सलियों ने चपरासी को जन अदालत लगाकर छोड़ दिया, जबकि सब इंजीनियर को अपने कब्जे में रखा था.

Tags: Bijapur news, Chhattisgarh news, Naxalite Incident



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