NCRB डेटा: 2020 में रोज हुए 77 रेप और 80 हत्याएं, पहले स्थान पर है राजस्थान

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राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने बुधवार को साल 2020 के आंकड़ें जारी कर दिए हैं। आंकड़ों अनुसार कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में अपराध के मामलों में 2019 की तुलना में 28 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। आंकड़ों का कहना है कि 2020 में देश में हर दिन रेप के औसतन 77 मामले दर्ज किए गए।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने बुधवार को साल 2020 के आंकड़ें जारी कर दिए हैं। आंकड़ों अनुसार कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में अपराध के मामलों में 2019 की तुलना में 28 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। आंकड़ों का कहना है कि 2020 में देश में हर दिन रेप के औसतन 77 मामले दर्ज किए गए। पिछले साल दुष्कर्म के कुल 28,046 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में राजस्थान पहले और दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है। इसके साथ ही देश में प्रतिदिन औसतन 80 हत्याएं हुईं इस मामले में राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश अव्वल स्थान पर है।

यूपी में हुईं सबसे ज्यादा हत्याएं

आंकड़ों के अनुसार, 2020 में उत्तर प्रदेश में हत्या के 3779 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद बिहार में हत्या के 3,150, महाराष्ट्र में 2,163, मध्य प्रदेश में 2,101 और पश्चिम बंगाल में 1,948 मामले दर्ज किए गए। दिल्ली में 2020 में हत्या के 472 मामले दर्ज किए गए। पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी समेत पूरे भारत में कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लगाया गया था।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जिन लोगों की हत्या की गई थी उनमें से 38.5 प्रतिशत 30-45 वर्ष आयु समूह के थे जबकि 35.9 प्रतिशत 18-30 वर्ष आयु के समूह के थे। आंकड़े बताते हैं कि कत्ल किए गए लोगों में 16.4 फीसदी 45-60 वर्ष की आयु वर्ग के थे तथा चार प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक उम्र के थे जबकि शेष नाबालिग थे।

अपहरण के 80 हजार से अधिक मामले

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले एनसीआरबी के आंकड़ें बताते हैं कि अपहरण के मामलों में 2019 की तुलना में 2020 में 19 प्रतिशत की कमी आई है। 2020 में अपहरण के 84,805 मामले दर्ज किए गए जबकि 2019 में 1,05,036 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़ें बताते हैं कि 2020 में अपहरण के सबसे ज्यादा 12,913 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए। इसके बाद पश्चिम बंगाल में अपहरण के 9,309, महाराष्ट्र में 8,103, बिहार में 7,889, मध्य प्रदेश में 7,320 मामले दर्ज किए गए।

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एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल अनुसूचित जातियों (एससी) के खिलाफ भी अपराध में 9.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2020 में अनुसूचित जातियों (एससी) के खिलाफ अपराध के कुल 50,291 मामले दर्ज किए गए जबकि 2019 में यह आंकड़े 45,961 थे। वहीं, अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के खिलाफ अपराध करने के लिए कुल 8,272 मामले दर्ज किए गए, जो 2019 की तुलना में 9.3% (7,570 मामले) की वृद्धि दर्शाते हैं।















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