North assembly seat- An assembly where representative are elected on the basis of merit,not caste – News18 हिंदी

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प्रयागराज:-देश भर में लोग यूपी के राजनीतिक माहौल को कुछ अलग तरह से जानते और मानते हैं.जी हां उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में हमेशा से जातिवाद और गुंडागर्दी की राजनीति हावी रही है.अगर बात करें आपके जिले प्रयागराज की,तो यहां की भी 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में धनबल,बाहुबल हमेशा से हावी रहा है.मतदाता जातिवाद के चलते ही मतदान करते हैं.लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रयागराज की उत्तरी विधानसभा (Allahabad north assembly seat) पर यह बात लागू नहीं होती.इस सीट पर हमेशा योग्यता के आधार पर ही प्रतिनिधि चुने जाते हैं.यही कारण है कि प्रतिनिधि चुनाव के समय जाति धर्म से दूर विकास के मुद्दे, शिक्षा आदि पर बात करते हैं.शहर उत्तरी विधानसभा के अंतर्गत प्रयागराज शहर का मुख्य हिस्सा आता है.इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद हाईकोर्ट, एमएनएनआईटी,जज आवास कॉलोनी जैसे हिस्से इसी के अंतर्गत आते हैं.यह क्षेत्र शिक्षा के मामले में सबसे ज्यादा समृद्ध है.यहां पर हर जाति वर्ग के लोग रहते हैं तथा सबसे ज्यादा साक्षर मतदाता भी इसे विधानसभा में हैं.अतः यहां ध्रुवीकरण का पहिया नहीं बल्कि विकास की गाड़ी चलती है.

शहर उत्तरी विधानसभा का इतिहास
प्रयागराज की शहर उत्तरी विधानसभा 1957 में अस्तित्व में आई.इस सीट से साल 1962 से 1974 तक राजेंद्र कुमारी बाजपेई विधायक रहीं.इसके बाद उपचुनाव में जनता पार्टी के बाबा राम अधार यादव 1977 तक विधायक बने रहे.1980 में राजेंद्र कुमारी बाजपेई के पुत्र अशोक बाजपेई,1985 में अनुग्रह नारायण सिंह विधायक रहे.1991 से 2002 तक भारतीय जनता पार्टी के डॉक्टर नरेंद्र सिंह गौर विधायक रहे.शहर उत्तरी सीट से 2007 में कांग्रेस के टिकट पर अनुग्रह नारायण सिंह एक बार फिर से विधायक बने.इस सीट पर एक लंबे अरसे तक कांग्रेस का वर्चस्व रहा. लेकिन वर्तमान में यहां बीजेपी का कमल खिला है.और अब आने वाले चुनाव में कौन सी पार्टी यहां पर विजय का झंडा फहराएगी इसका जवाब अब आने वाला समय ही बताएगा.

(रिपोर्ट-प्राची शर्मा, प्रयागराज)

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Tags: Prayagraj News, UP Election, UP Election 2022



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