OMG! सांप को दूध पिलाते तो देखा होगा, लेकिन क्या पानी पिलाते देखा है? यह रहा VIDEO

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सांप को पानी पिलाते हुए युवक.

Kullu Snake Catcher Viral Video: सोनू ने कहा कि सांप पकड़ने की खूबी गॉड गिफ्ट है. उन्‍हें सांप से डर नहीं लगता और दर्जनों बार सांप ने काटा है, लेकिन कुछ नहीं हुआ.

कुल्लू. अक्सर आपने लोगों को सांप को दूध पिलाते हुए देखा होगा, लेकिन क्या कभी हथेली से सांप को पानी पिलाते हुए देखा है. कुल्लू में कुछ ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है. वीडियो में स्नैक कैचर सोनू सांप को पानी पिलाते हुए दिख रहे हैं.

दरअसल, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की भुंतर तहसील के खोखन गांव के 40 वर्षीय सोनू ठाकुर पिछले 10 साल से जहरीले सांप को पकड़कर सैकड़ों लोगों की अनमोल जान बचा रहे हैं. भुंतर-कुल्लू-मंडी (Mandi) क्षेत्र के लोग घरों, दुकानों, गाड़ियों और गोदामों में सांप निकलने पर सोनू ठाकुर (Sonu Thakur) को फोन करते है और सोनू ठाकुर जरूरी काम छोड़ कर सांप पकड़ने के लिए बिना देरी पहुंच जाते हैं. इसके बाद वह सांप को पकड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जंगलों में छोड़ते हैं.

Youtube Video

अब तक पकड़े सैकड़ों सांपसोनू ठाकुर का नंबर क्षेत्र के हर घर और पुलिस चौकी एवं थाने के पास है. सोनू ने अब तक 500 से अधिक सांप पकड़ चुके हैं और उन्‍हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा है. भुंतर खोखण गांव के सोनू ठाकुर ने बताया कि कुल्लू में उन्‍होंने अजीबो-गरीब सांप देखे हैं. इनमें से तो कइयों के नाम भी उन्‍हें पता नहीं? शायद कोई और भी न जानता हो. साधारण या जहरीले सांपों का यहां के घरों में घूमते दिखना रोजमर्रा की बात है. परड़ से लेकर हरे वाईपर, काले वाईपर, कोबरा, किंग कोबरा व अन्य कई प्रजाति के जहरीले सांपों को पकड़ा है. सोनू ठाकुर भुंतर में इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं, लेकिन कभी भी कोई भी फोन कर घर, दुकान, गोदाम और गाड़ियों में सांप निकलते है तो ‘स्नेक सेवर सोनू को याद करते हैं.

OMG! सांप को दूध पिलाते तो देखा होगा, लेकिन क्या पानी पिलाते देखा है? यह रहा VIDEO

सोन कुल्लू के भुंतर में दुकान चलाते हैं.

सांप से डर नहीं लगता
सोनू ने कहा कि सांप पकड़ने की खूबी गॉड गिफ्ट है. मुझे सांप से डर नहीं लगता और दर्जनों बार सांप ने काटा है, लेकिन कुछ नहीं हुआ. उन्होंने जनता से अपील की सांप को मारने से यह वाइल्ड लाइफ जीव लुप्त हो जाएगा, जिससे उसे बचाने के लिए प्रयास करें. उन्होंने प्रशासन व सरकार से आग्रह किया कि बैंगलौर की तर्ज पर कुल्लू जिला में भी एक छोटा सा स्नेक पार्क बनाया जाए, जिससे स्नेक पार्क में इस विलुप्त हो रही प्रजाति को बचाया जा सके.

उन्होंने कहा कि कई बार लोग डर से सांप को डंडों व पत्थरों से मारते हैं, जिससे कई सांप घायल होते है. वह उन घायल सांपों को पकड़ उनका ईलाज करते है. इलाज के बाद सुरक्षित छोड़ देते है. सोन कहते हैं कि ईको सिस्टम के तहत वाइल्ड लाइफ में सांप बढ़ जाएंगे तो चूहे कम होते हैं. चूहे बढते हैं तो किसानों की फसलों व घरों दुकानों में भी नुक्सान करते है.



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