OPINION: इस कारण दुनिया, पीएम नरेंद्र मोदी का मान रही है लोहा

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पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को बहरूपिया बता करके देशवासियों को सावधान किया था. कोरोना वायरस का मौजूदा लहर भी अपना रूप बदलकर के भारत और दुनिया में फिर से अपना प्रकोप बढ़ा रहा है. मौजूदा स्वरूप के कोरोना के प्रहार और मारक को लेकर के देश और दुनिया में तरह-तरह की चर्चा और बहस की जा रही है- कुछ लोग इसे माइल्ड बता रहे हैं तो कुछ इसे माइल्ड कहने में हिचक रहे हैं. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना महामारी को भारत मजबूती के साथ लड़ रहा है और कई मायनों में विश्व को लड़ना सीखा भी रहा है.

जानकारों का मानना है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने शुरुआत से ही कोरोना के खिलाफ एक व्यापक दृष्टिकोण रखा. कोरोना महामारी की शुरुआत में ही सही समय पर सही फैसला ले कर के आवश्यक प्रतिबंध से लेकर कोरोना प्रोटोकॉल, लॉकडाउन, वैक्सीनेशन, भोजन की व्यवस्था और अर्थव्यवस्था के लिए सही समय पर कदम उठाया. इसके साथ ही साथ संघीय व्यवस्था के अंतर्गत समय-समय पर सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करके पीएम नरेंद्र मोदी इस लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी पर जनता का विश्वास इतना ज्यादा है कि जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी की सभी अपीलों को माना और इस लड़ाई में सबने मजबूती से साथ दिया.

इन आंकड़ों से समझी जा सकती है उपलब्धि
पिछले लगभग 2 साल में कोरोना के खिलाफ जंग में भारत और पीएम नरेंद्र मोदी की उपलब्धि को समझा जा सकता है. 154 करोड़ से अधिक कोरोना के वैक्सीन के डोज़ लग चुके हैं. इसके साथ ही 69.52 करोड़ से अधिक कोरोना के टेस्ट किये जा चुके हैं, लगभग 3.46 करोड़ से अधिक लोग इससे ठीक हो चुके हैं (रिकवरी दर 96.01 फीसदी है). इन उपलब्धियों को देश की आबादी और विविधता संसाधनों की सीमाओं की पृष्ठभूमि में देखे तो यह और भी बड़ी और महत्वपूर्ण हो जाती है.
इसके साथ ही साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विश्व का भी सहयोग किया. आवश्यकता पड़ने पर भारत से जरूरी दवाइयां विश्व को दी गई. साथ ही साथ विश्व के कई देशों को भारत में बनी वैक्सीन दी जा रही है. वैक्सीनेशन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कोविन एप्प का प्रयोग भी दुनिया के कई देश कर रहे हैं.

इसलिए नकवी ने पीएम मोदी को बताया दूरदृष्टि वाला
कोरोना महामारी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि लगभग 100 साल पहले 1918-19 में जब स्पेनिश फ्लू ने पूरी दुनिया में अपना कहर बरपाया था उस वक्त भारत 30 करोड़ आबादी में से 2 करोड़ आबादी की मौत हो गई थी. इसमें से अधिकांश मौत भुखमरी के कारण हुई थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान देश के 80 लाख लोगों को अनाज मुहैया करवाने का काम किया. ताकि इस महामारी में भूख के कारण किसी की मौत ना हो सके.

हालांकि कोरोना की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और यह हमारे सामने लगातार विभिन्न स्वरूप में प्रकट हो रही है. इसके मौजूदा लहर के आक्रामकता का आकलन अभी किया जाना बाकी है.  ऐसे में हमें पीएम नरेंद्र मोदी की यह बात याद रखनी चाहिए ‘जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं.’

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है) 

Tags: Narendra modi, PM Modi, Prime Minister Narendra Modi



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