Pilibhit: इकोत्तरनाथ मंदिर में चढ़ावे में प्रसाद नहीं, लगवाना पड़ता है नल, दिन में कई बार रंग बदलता है शिवलिंग

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सृजित अवस्थी

पीलीभीत. यूपी के पीलीभीत में एक ऐसा शिव मंदिर है जिसमें सैकड़ों नल लगे हुए हैं. ऐसी मान्यता है कि जिस श्रद्धालु की मनोकामना पूरी हो जाती है. उसे यहां एक नल लगाना होता है. यही कारण है कि इस मंदिर के चारों ओर नल ही नल दिखाई देते हैं. सावन के महीने में यहां भक्तों का तांता लगा रहता है. आप भी जानिए इस मंदिर की पूरी कहानी.

इकोत्तरनाथ शिव मंदिर पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील में पड़ता है. यहां जाने के लिए पुवायां रोड से होते हुए हरीपुर रेंज के जंगल में गोमती नदी के तट पर पहुंचना रहता है. इस मंदिर को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आस्था है. बताया जाता है कि पौराणिक काल में यह महर्षि गौतम की तपोभूमि हुआ करती थी. महर्षि गौतम गोमती नदी के किनारे ही तप किया करते थे. उसी दौरान एक बार इंद्र ने गौतम ऋषि की पत्नी सती अहिल्या का भेष धारण कर उनके साथ छल किया था. इसी से क्रोधित हो कर गौतम ऋषि ने इंद्र को श्राप देकर गोमती के तट पर 101 शिवलिंग स्थापित करने का आदेश दिया. उन्हीं 101 शिवलिंगों में से 71वां शिवलिंग इकोत्तरनाथ शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है

आज भी देवराज इंद्र करते हैं जलाभिषेक
स्थानीय लोगों की मान्यता है कि रोजाना इस पौराणिक शिवलिंग का सबसे पहले जलाभिषेक देवराज इंद्र स्वयं आ कर करते हैं. बताया जाता है कि कपाट बंद होने के बाद यहां कोई नहीं रुकता. जब सुबह कपाट खोला जाता है, तो शिवलिंग पर पुष्प, जल इत्यादि चढ़े मिलते हैं. इसी कारण से इस मंदिर की मान्यता और अधिक हो गई है.

क्यों लगाए गए हैं इतने नल ?
आमतौर पर मंदिरों में मनोकामना पूरी होने पर प्रसाद, फूल, फल आदि चढ़ाने का रिवाज होता है, लेकिन यूपी के पीलीभीत के इकोत्तरनाथ शिव मंदिर की मान्यता है कि श्रद्धालुओं को मनोकामना पूरी होने पर यहां आकर एक नल लगाना होता है. इसी के चलते आज मंदिर परिसर के आसपास सैकड़ों की संख्या में नल लगे हैं. ऐसे में यह नजारा एक दम अनोखा हो जाता है.

दिन में कई बार रंग बदलता है शिवलिंग
मंदिर परिसर में प्रसाद की दुकान चलाने वाले युवक अवधेश कुमार ने NEWS 18 LOCAL से बातचीत में बताया कि इस मंदिर का शिवलिंग चमत्कारी है. यहां शिवलिंग का रंग दिन में कई बार बदलता है. इस स्थान पर शिव की विशेष महिमा है.

Tags: Lord Shiva, Pilibhit news



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