Pilibhit: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी करोड़ों रुपए की अमृत पेयजल योजना! जनता पानी खरीदकर पीने को मजबूर

0
11


रिपोर्ट- सृजित अवस्थी

पीलीभीत. यूपी के पीलीभीत के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए सरकार अमृत पेयजल योजना चला रही है. इस योजना में करोड़ों का बजट लगाकर हर इलाके तक पेयजल पाइपलाइन पहुंचाने का काम किया गया है, लेकिन पीलीभीत में भ्रष्टाचार और लापरवाही की दीमक ने इस योजना को भी खोखला कर दिया है. पीलीभीत के लगभग 50 फीसदी इलाकों में या तो पानी आ ही नहीं रहा है या फिर टंकियों में दूषित पानी आ रहा है.

दरअसल शहर के 12, 096 घरों तक पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई है. 36.30 करोड़ रुपए की अमृत योजना 2018 में शुरू हुई थी. इसके तहत 69.33 किलोमीटर नई पानी की पाइप लाइन डाली गई है. नगर पालिका द्वारा कई जगहों पर टेस्टिंग के दौरान नई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त मिली. यही कारण है कि शहर के तमाम इलाकों की टंकियों में या तो पानी आता ही नहीं है या फिर दूषित पानी आता है.

खरीद कर पीना पड़ता है पानी

पीलीभीत नगरपालिका के वार्ड नंबर-12 का आलम ये है कि यहां के स्थानीय निवासियों को पेयजल के संकट से जूझना पड़ रहा है. स्थानीय निवासी वीना देवी ने NEWS 18 LOCAL से बातचीत में बताया कि पाइपलाइन तो पड़ गई है, लेकिन नल में पानी आता ही नहीं है. ऐसे में उन्हें अपने घर से दूर मंदिर पर लगे सरकारी नल से पानी लाना पड़ता है. वहीं, भारती ने बताया कि जरूरत पड़ने पर उन्हें पानी खरीद कर पीना पड़ता है. ऐसे में सरकार द्वारा चलाई जा रही अमृत पेयजल योजना का लाभ पीलीभीत के लोगों को नहीं मिल पा रहा है.

प्रशासन ने बनाई है जांच टीम

शुरुआती दौर से ही अमृत पेयजल योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों से घिरी आ रही है. अब पूरे मामले की जांच पड़ताल पीलीभीत के एडीएम राम सिंह गौतम की अध्यक्षता में बनी कमेटी कर रही है.

Tags: Drinking Water, Pilibhit news, UP news, Water Crisis



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here