Pilibhit Tiger Reserve: प्रशासन की कवायद रंग लाई, कर्नाटक से पीलीभीत पहुंचे 4 हाथी, होगा ये फायदा

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रिपोर्ट- सृजित अवस्थी

पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में कई रेंज को मिलाकर एक खूबसूरत जंगल रिजर्व बनाया गया है, जिसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाता है. इस जंगल में 65 से भी अधिक टाइगर रहते हैं, लेकिन कई बार यह टाइगर आबादी के बीच जा पहुंचते हैं. इसके चलते मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी सामने आती हैं. पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हाथी नहीं होने से टाइगर रिजर्व प्रशासन परेशान था. दरअसल टाइगर से जुड़े तमाम ऑपरेशन चलाने के लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन को हाथियों की आवश्यकता पड़ती थी.

इसी के चलते लंबे समय से शासन स्तर से पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हाथियों को मंगवाने की कवायद की जा रही थी. शासन से हरी झंडी मिलने के बाद टाइगर रिजर्व की टीम ने कर्नाटक जाकर चार हाथियों का चयन किया, जिसमें एक मादा और ती नर हाथी शामिल हैं. फिलहाल औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्नाटक से 4 हाथी पीलीभीत आ चुके हैं.

पीलीभीत पहुंचे हैं ये चार मेहमान
कर्नाटक से पीलीभीत आने के लिए छोटा सूर्या, बड़ा सूर्या, मणिकांत और निसर्गा को लगभग 3000 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा. इस सफर के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पहले से ही सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं. इस पूरे सफर में हाथियों के साथ पीटीआर प्रशासन समेत डॉक्टरों की पूरी टीम मौजूद रही.

महावत भी आए हैं साथ
कर्नाटक से आए दो हाथियों की उम्र 5 और 6 साल है, तो वहीं दो की उम्र लगभग 12 साल है. यह हाथी शुरुआत से ही कर्नाटक में पले बढे हैं. ऐसे में इन हाथियों को हिंदी भाषा में आदेशों को समझने में समय लगेगा. इस कारण से इन साथियों के साथ कर्नाटक से इनके महावत भी कुछ समय के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ठहरेंगे. अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि लंबे समय से हाथियों को लाने की कवायद चल रही थी. हाथियों के आने से टाइगर संबंधित ऑपरेशन चलाने में काफी मदद मिलेगी. साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व की रौनक भी बढ़ेगी.

Tags: Elephants, Karnataka, Pilibhit news



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