PLI Scheme: ऑटो और ड्रोन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई योजना को दी मंजूरी

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PLI Scheme: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है फैसला, इसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और रोजगार का सृजन करना है।

PLI Scheme: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ऑटो (Auto) और ड्रोन सेक्टर (Drone sector) के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन पीएलआई योजना को मंजूरी दे दी गई है।बैठक में सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑटो, ऑटो कलपुर्जों और ड्रोन उद्योग के लिए 26,058 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना पर सहमति दे दी है। पीएलआई योजना का उद्देश्य है कि घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देना और रोजगार देना है।

57,043 करोड़ रुपये की राशि तय की

गौरतलब है कि बीते साल सरकार ने वाहन तथा वाहन कलपुर्जा क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना का ऐलान करा था। इस योजना के तहत पांच वर्ष में 57,043 करोड़ रुपये की राशि तय की गई थी।

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इस योजना के तहत कलपुर्जों में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन असेंबली, इलेक्ट्रॉनिक पावर स्टीयरिंग सिस्टम, सेंसर, सुपरकैपिसेटर, सनरूफ, एडाप्टिक फ्रंट लाइटिंग,ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, टायर दबाव निगरानी प्रणाली तथा टक्कर चेतावनी प्रणाली को शामिल करा गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र को भी राहत पैकेज की मंजूरी दी है, इसका उद्देश्य वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों को राहत देना है। इनके ऊपर हजारों करोड़ का पिछला वैधानिक बकाया है।

राहत उपायों में बकाया चुकाने में मोहलत देना, एजीआर को दोबारा से परिभाषित करना और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क में कटौती शामिल है। इससे बीमारू क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जताई गई है।

वोडाफोन आइडिया संकट से जूझ रहे

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में लिए फैसलों के बारे में दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव जल्द ही मीडिया को सूचना देंगे। ऐसे वक्त में जब वोडाफोन आइडिया अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में दूरसंचार क्षेत्र के लिए ये राहत पैकेज रामबाण साबित हो सकता है। इससे निजी क्षेत्र की तीन कंपनियों को संकट से उबरने में सहायता मिल सकेगी।





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