Rajasthan: गहलोत सरकार की बड़ी ‘प्रशासनिक सर्जरी’, 8 जिलों के कलक्टर बदले, 59 अन्य IAS के तबादले

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गहलोत सरकार ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर ब्यूरोक्रेट्स को साधने की भी कोशिश की है.

Changed collector of 8 districts in rajasthan: गहलोत सरकार ने प्रदेश के आठ जिलों के कलक्टर बदल दिये हैं. बुधवार देर रात को जारी की गई 67 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची (67 IAS Transfers) में हाल ही में आरएएस से आईएएस बने अधिकारी भी शामिल हैं.

जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) की ओर से बुधवार देर रात ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy) में किये गये बड़े बदलाव के बाद शासन सचिवालय (Secretariat) में अब दो अतिरिक्त मुख्य सचिव हो गए हैं. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की सचिवालय में वापसी हो गई है. जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत पहले से ही सचिवालय में कार्यरत हैं. इस सूची में राज्य सरकार ने 67 आईएएस के तबादले (67 IAS Transfers) किये हैं.

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रोहित कुमार सिंह के सेंट्रल डेपुटेशन पर जाने के बाद सचिवालय में एक ही अतिरिक्त मुख्य सचिव रह गया था. हालांकि सरकार ने ग्रामीण पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी फिलहाल किसी को नहीं दी है. रोहित कुमार सिंह के चले जाने के बाद ही हैं पद फिलहाल खाली है. ऐसे में गुंजाइश है कि सरकार एक और तबादला सूची जारी कर सकती है. वहीं राज्य सरकार ने आठ जिलों के कलक्टर भी बदल दिये हैं.

इन जिलों के कलक्टर बदले
कुमारी रेणु जयपाल- जिला कलक्टर प्रतापगढ़हरदेश कुमार जिला- कलक्टर बाड़मेर

हिमांशु गुप्ता- जिला कलक्टर भरतपुर
मेघराज सिंह रतनू- जिला कलक्टर हनुमानगढ़
नम्रता वृष्णी- जिला कलक्टर जालोर
चिन्मयी गोपाल- जिला कलक्टर टोंक
जाकिर हुसैन -जिला कलक्टर श्रीगंगानगर
ताराचंद मीणा -जिला कलक्टर चित्तौड़गढ़

Rajasthan: गहलोत सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में किया बड़ा फेरबदल, 67 IAS बदले, देखें पूरी सूची

प्रमोटी आईएएस अधिकारियों को भी दी पोस्टिंग
राज्य सरकार ने आरएएस से आईएएस बने प्रमोटी आईएएस अधिकारियों को भी पोस्टिंग दे दी है. महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश के पति डॉ. घनश्याम को निदेशक पंचायती राज विभाग के पद पर लगाया गया है. डॉ. घनश्याम का हाल ही अन्य सेवाओं से आईएएस में चयन हुआ था.

ब्यूरोक्रेट्स को साधने की कवायद
राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर ब्यूरोक्रेट्स को साधने की कोशिश की है. दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना चाहते हैं. तबादला सूची से साफ संकेत है कि जो अफसर सरकार की मंशा के अनुरूप काम नहीं करेगा उसे बदलने में देरी नहीं की जाएगी.









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