Raksha Bandhan 2022: यूपी का एक ऐसा गांव, जहां नहीं मनाया जाता रक्षाबंधन का त्योहार, जानें वजह

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रिपोर्ट: विशाल झा

गाज़ियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मुरादनगर में स्थित है सुराना गांव. पूरा देश का रक्षाबंधन के त्योहार को हर्षोल्लास से मनाता है, पर सुराना गांव इस दिन को काले दिवस के रूप में मनाता है. इस गांव की लड़कियां अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांधती हैं. माना जाता है कि ऐसा करने पर अपशगुन हो जाता है.

मोहम्मद गोरी ने किया था गांव पर हमला
कहा जाता है कि गांव सुराना में सैकड़ों साल पहले राजस्थान से आए पृथ्वीराज चौहान के वंशज सोन सिंह ने हिंडन नदी के किनारे अपना ठिकाना बसाया था. जिसका पता मोहम्मद गोरी को लग गया. इसके बाद मोहम्मद गोरी ने रक्षाबंधन वाले दिन ही पूरे गांव की जनता पर हाथियों से हमला करवा दिया. हाथियों के पैर के तले कुचले जाने से देखते ही देखते पूरा गांव खत्म हो गया. उस दिन के बाद से ही सुराना गांववासी इस दिन को काला दिन बताते हैं.

रक्षाबंधन मनाने पर हो जाता है अपशगुन
गांव में रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया जाता है. पर कुछ युवा पीढ़ी के द्वारा इस परंपरा को तोड़कर रक्षाबंधन मनाने की कोशिश की गई थी. जिसके बाद एक परिवार में किसी की मृत्यु हो गई तो दूसरे परिवार में अचानक परिवार वासियों की तबीयत खराब होने लगी. जिसके बाद समझाने-बुझाने के बाद रक्षाबंधन का त्योहार मनाने वाले लोगों ने गांव के कुलदेवता से माफी मांगी. गांव निवासी बताते हैं कि गांव में इस दिन को श्राप लगा हुआ है. इसीलिए रक्षाबंधन का त्योहार मनाने पर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं.

सुराना गांव का पुराना नाम सोनगढ़ था
इस गांव में छाबड़िया गोत्र के चंद्रवंशी अहीर क्षत्रियों का बसेरा है. राजस्थान के अलवर से निकलकर छाबड़िया गोत्र के अहिरो ने गांव की स्थापना की थी. पुराना नाम से पहले गांव को सोनगढ़ के नाम से जाना जाता था.

Tags: Ghaziabad News, Raksha bandhan, Uttar pradesh news



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