Ram-Janki Corridor: बिहार से ऐसे गुजरेगा राम-जानकी हाईवे, सिवान में टेंडर शुरू, खासियत व लागत समेत जानें सबकुछ

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रिपोर्ट – अंकित कुमार सिंह

सिवान. राम जानकी मार्ग (अयोध्या से जनकपुर हाईवे) का करीब 237 किलोमीटर हिस्सा बिहार से गुज़रना है, जिसकी शुरूआत सिवान ज़िले से होगी. सबसे पहले ज़िले में सिवान से मसरख यानी 45 किलोमीटर फोरलेन हाईवे बनेगा. भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से माता सीता की जन्म स्थली जनकपुर तक राम जानकी हाईवे बनने वाला है यानी उत्तर प्रदेश से नेपाल तक. इसकी स्वीकृति केंद्र सरकार ने दे दी है. केन्द्र सरकार बीआरटी योजना के तहत यह महत्वपूर्ण हाईवे बना रही है. वही एनएचएआई को निर्माण की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

सिवान में फोरलेन हाईवे के निर्माण के लिए दो बड़ी कंपनियां टेंडर में शामिल हुई है. दो सप्ताह में चयनित एजेंसी को काम आवंटित कर दिया जाएगा, जो सिवान से मसरख तक करीब 1,431 करोड़ रुपये की लागत से हाईवे का निर्माण कराएगी. सिवान से मसरख तक बनने वाली रोड ज़िले के पांच प्रखंड पचरुखी, महाराजगंज, गोरियाकोठी, बसंतपुर, भगवानपुर हाट से होकर गुज़रेगी. यानी इस 45 किमी के दायरे में तीन दर्जन से अधिक गांव राम जानकी मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे.

ये दो कंपनियां इन्फ्रा टेंडर में शामिल

सिवान ज़िले में इस फोरलेन हाईवे के लिए दो बड़ी सड़क निर्माण कंपनियों मेधा इंजीनियरिंग और जीआर इंफ्रा ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया है. अभी तकनीकी मूल्यांकन यानी टेक्निकल इवैल्यूएशन चल रहा है. 15 दिनों में चयनित एजेंसी को काम सौंप दिया जाएगा. चयनित एजेंसी 1,431 करोड़ रुपये की लागत से हाईवे का निर्माण कराएगी. इस हिस्से में चार बायपास भी बनाए जाएंगे.

— सीवान बायपास 4.63 किलोमीटर
— तरवारा बायपास 7.38 किलोमीटर
— बसंतपुर बायपास 14.66 किलोमीटर
— मसरख बायपास 2.29 किलोमीटर

नये एलाइनमेंट पर 4 लेन हाईवे बनेगा जबकि मलमलिया बाज़ार के पास एक रेलवे ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा. रामजानकी मार्ग के इस हिस्से (सिवान से मसरख) में 29 किलोमीटर नये एलाइनमेंट पर 4 लेन हाईवे बनाया जाना है क्योंकि मौजूदा 2 लेन स्टेट हाईवे चार जगहों पर बीच बाज़ार से गुज़र रहा है, जहां सड़क चौड़ा करने की ज़मीन ही नहीं है. वहीं 17 किलोमीटर पुराने स्टेट हाईवे को ही 4 लेन में बदला जाएगा.

सिवान से नेपाल तक ऐसे बनेगा राम-जानकी हाईवे

राम जानकी मुख्य मार्ग पर निर्माण यूपी के मेहरौना घाट से सिवान तक करीब 40 किलोमीटर, सिवान से मसरख तक 46 किलोमीटर, मसरख से चकिया तक करीब 48 किमी और चकिया से भिट्ठामोड़ (नेपाल बोर्डर) तक करीब 103 किमी लंबाई में फोरलेन सड़क बनाई जाएगी. असल में यह हाईवे एक धार्मिक पर्यटन के कॉरिडोर के मकसद से बन रहा है.

Tags: Ayodhya News, Siwan news



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