Ruby Asif Khan: दिवाली-छठ पूजा के बाद रूबी खान ने मनाई गोपाष्टमी, गौमाता की सेवा के बाद की परिक्रमा

0
15


रिपोर्ट – वसीम अहमद

अलीगढ़. गोपाष्टमी (Gopashtami) के पावन पर्व पर कट्टरपंथी मौलानाओं के निशाने पर रहने वाली भाजपा नेत्री रूबी आसिफ खान ने राधा रानी गौशाला में जाकर गाय माता की पूजा अर्चना की. इस दौरान उन्‍होंने गौमाता को गुड़ व केले खिलाकर भोजन कराया. बता दें कि रुबी आसिफ खान ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा के बाद अब गौमाता की सेवा की है. इसके साथ उन्‍होंने सभी देशवासियों से मिल जुलकर हर पर्व शांति पूर्ण तरीके से मनाने की अपील की है.

दरअसल गोपाष्टमी के दिन गाय माता और बछड़े की पूजा की जाती है. इस दिन गाय माता को घर पर बुलाकर उनको स्नान व सेवा करते हैं और पूजा-पाठ करने के बाद परिक्रमा भी करते हैं.इसके बाद गाय माता को हरी घास खिलाई जाती है. गोपाष्टमी का पर्व मंगलवार ( 1 नवंबर) को था.

आइए जानते हैं गोपाष्टमी का महत्व
सौभाग्य वृद्धि के लिए लोग इस दिन गौ माता की पूजन करते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने इसी दिन गायों को चराना आरंभ किया था. इससे पहले वह केवल गायों के बछड़ों को चराते थे. धर्म शास्त्रों के अनुसार, गौ माता के शरीर में सभी देवी-देवताओं का वास होता है. उनकी पूजा और सेवा करने से सभी देवी-देवताओं की पूजा स्वत: ही हो जाती है.

ऐसे मनाई जाती है गोपाष्टमी
गोपाष्टमी पर गौ माता को सुबह स्नान कराकर पूजन किया जाता. इस दिन गाय माता के मेंहदी, हल्दी, रोली आदि के थापे भी लगाए जाते हैं और उनको सजाया जाता है. धूपबत्ती-पुष्प आदि से पूजन के बाद गायों को गोग्रास देकर उनकी परिक्रमा की जाती है. मान्यता है कि इससे सभी प्रकार के अभीष्ट सिद्ध होते हैं. परिक्रमा के बाद गाय माता के साथ कुछ दूर तक चला भी जाता है. वहीं, शाम को गौ माता का पंचोपचार पूजन कर उन्हें हरी घास और भोजन देने के साथ उनकी चरणरज ललाट पर लगाने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

रोगों से मुक्ति दिलाती हैं गौ माता!
सनातन धर्म के अनुसार, शुद्ध भारतीय नस्ल की गाय की रीढ़ में सूर्य-केतु नाम की विशेष नाड़ी होती है. ऐसा कहा जाता है कि गाय को सहलाने मात्र से कई असाध्य रोग दूर होते हैं क्योंकि गाय के रोम कोपों से विशेष ऊर्जा निकलती है. गोमूत्र और गोबर से वायुमंडल के घातक कीटों से रक्षा होती है. गाय के दूध से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. आज पूरी दुनिया गाय के महत्व को मान रही है.

Tags: Aligarh news, Aligarh News Today, Chhath Puja, Sri Krishna Janmashtami



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here