Sawan 2022: आगरा में अनोखी शिव भक्ति, 4 शिवालय; 40 किलोमीटर की नंगे पैर ऐतिहासिक परिक्रमा 

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रिपोर्ट: हरिकांत शर्मा

आगरा. सावन और शिव का लगाव अनंत काल से चला आ रहा है. युग बदलते गए, लेकिन सावन में भक्त अपने भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और पवित्र नदियों के जल से जलाभिषेक करना जारी है. सावन में भगवान शिव की अराधना के अनेकों तरीके हैं. उन्हीं में से एक है आगरा की बेहद प्राचीन परिक्रमा. यह परिक्रमा सावन के दूसरे सोमवार से ठीक पहले की रात में ही शुरू हो जाती है. हालांकि सदियों से होने वाली परिक्रमा कोविड-19 (Covid 19) के कारण 2 साल से नहीं हुई थी, लेकिन 2 साल बाद एक बार फिर भक्तों के लिए परिक्रमा की अनुमति मिली तो हर्ष और उल्लास के साथ शिव भक्तों ने बम बम भोले और शिव के जयकारों के परिक्रमा शुरू कर दी. सड़कों पर शिव भक्तों का हुजूम देखा जा सकता है. व्यवस्थाएं संभालने को ट्रैफिक पुलिस से लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद है.भक्तों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए रूट डायवर्ट किए गए हैं.

सावन के दूसरे सोमवार को लगने वाली आगरा की परिक्रमा अपने आप में बेहद ऐतिहासिक हैं. सदियों से यह परिक्रमा होती चली आ रही है. क्या बच्चे, क्या नौजवान, क्या बुजुर्ग सभी इस परिक्रमा में भाग लेते हैं. कहा जाता है कि यह परिक्रमा सदियों से यूं ही बरकरार है. ऐसा पहली बार हुआ था कि जब कोविड-19 की वजह से दो साल इस परिक्रमा पर रोक लगाई गई थी. हालांकि शिव भक्तों में थोड़ी मायूसी छाई थी, लेकिन इस साल उत्साह दोगुना है.यह परिक्रमा आगरा के चारों महादेव मंदिर से होकर गुजरती है.

8 घंटे में 40 किलोमीटर की यात्रा होती है पूरी
आगरा में भगवान महादेव के 4 प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनमें राजेश्वर मंदिर, मनकामेश्वर, कैलाश और पृथ्वीनाथ प्रमुख हैं. यह परिक्रमा कहने को तो अपने आसपास के किसी भी शिव मंदिर से शुरू होती है और चारों मंदिरों की परिक्रमा के साथ दर्शन करते हुए पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर समाप्त होती है. रास्ते में जितने भी शिव मंदिर मिलते हैं उन सभी की पूजा-अर्चना करते हुए आगे बढ़ा जाता है. ये परिक्रमा 40 किलोमीटर लंबी है और 8 घंटे में पूरी होती है.

शिव भक्तों की सेवा में भी भक्ति
शिव भक्तों की सेवा करने के लिए आगरा वासी भी पीछे नहीं हटते हैं. पूरी रात इस यात्रा के दौरान जगह-जगह खाने-पीने के तमाम चीजें उपलब्ध होती हैं.साथ ही भंडारे भी लगाए जाते हैं. पीने के पानी से लेकर तमाम चीजें रास्ते में उपलब्ध होती हैं.यहां तक कि शिव भक्तों के पैरों की थकान मिटाने के लिए भी शहर वासी कैंप लगाते हैं और तो और उनके पैरों की मसाज भी करते हैं.

हर छोटे-बड़े शिव मंदिर में होता है जलाभिषेक
ऐसी मान्यता है कि रास्ते में जितने भी शिवलिंग और महादेव के मंदिर मिलते हैं.उन सभी पर शिव भक्त जलाभिषेक करते हैं.रास्ते में पड़ने वाले शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं. इसीलिए अपने साथ सभी भक्त एक छोटा लोटा लेकर जाते हैं.उसमें पानी भरकर शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं.

Tags: Agra news, Lord Shiva



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