SP and BSP are two main parties in Handia assembly seat NODNC

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हंडिया. इलाहाबाद जिले की इस सीट पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का वर्चस्व रहा है. दोनों पार्टियां बारी बारी से इस सीट पर कब्जा जमाती रही हैं. भारतीय जनता पार्टी ने यहा घूसने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रही. पिछली बार मोदी लहर का भाजपा यहां फायदा उठाने का सोच रही थी लेकिन इस सीट पर उसे हार का ही मुंह देखना पड़ा. बहुजन समाज पार्टी के हाकिम लाल ने यहां पिछले चुनावों में जीत हासिल की. अपना दल और भाजपा का ​गठबंधन यहां काम नहीं आया और इस गठबंधन की उम्मीदवार प्रमिला देवी को यहां पर शिकस्त मिली.

हंडिया विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा वर्चस्व उम्मीदवार राकेश धर त्रिपाठी का रहा है. राकेश धर पर विश्वास जताने वाली जनता ने उन्हें चार बार इस सीट से जीत दिलवाई है. धर की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत जनता पार्टी से हुई थी. इसके बाद वे अंतिम दौर में ​भाजपा में शामिल हो गए थे. इस सीट पर भाजपा को जीत दिलाने वाले भी धर ही हैं. 1985, 1989, 1996 और 2007 धर ने यहां पर जीत दर्ज कर विधायक की कुर्सी हासिल की थी. इसमें से 1996 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ा था और विजयी रहे थे.

इतिहास पर नजर डालें तो 1977 में जनता पार्टी के उम्मीदवार ने यहां से जीत हासिल की थी. इसके बाद कांग्रेस के राजेन्द्र त्रिपाठी को यहां से 1980 में जीत मिली थी. 1985 में जनता पार्टी के राकेश धर ने यहां पर अपनी जीत का खाता खोला था. इसके बाद कई बार जनता ने उन पर विश्वास जताया. 1991 में जनता दल के बृजभान यादव ने यहां पर जीत का सेहरा पहना. 1993 में जोखू लाल यादव को यहां से जीत मिली. उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ा था. 1996 में फिर से राकेश धर ने जीत दर्ज की. इसके बाद 2002 में महेश नारायण सिंह को जीत मिली जो समाजवादी पार्टी के थे. एक बार फिर 2007 में राकेश धर ने इस सीट पर कब्जा जमाया. 2012 में सपा के महेश नारायण सिंह ने फिर से धर से विधायक की कुर्सी छीन ली.

मतदाता संख्या की बात करें तो यहां कुल मतदाता 319563 हैं. इनमें से महिला मतदाता 141600 और पुरुष मतदाता 177924 हैं. जातिगत समीकरण देखें तो यहां सबसे ज्यादा यादव समुदाय के लोग हैं. इसके बाद 70 हजार ब्राह्मण, 60 हजार दलित, 10 हजार ठाकुर और 40 हजार अन्य जातियों के लोग हैं. ऐसे में यहां यादव, ब्राह्मण और दलित चुनावी नतीजों को ज्यादा प्रभावित करते हैं.

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Tags: UP Assembly Election



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