There will be regular recruitment of computer instructors in the state, Know the important decisions of the cabinet– News18 Hindi

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जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बेरोजगार युवाओं को बड़ी राहत प्रदान की है. गहलोत कैबिनेट ने राजस्थान कम्प्यूटर एवं अधीनस्थ सेवा नियम-1992 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इससे सूचना सहायक के पद पर सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थियों के ज्वाइन नहीं करने पर खाली रह जा रहे पदों पर आरक्षित सूची से अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा सकेगी. कैबिनेट ने ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट पद की शैक्षणिक योग्यता में परिवर्तन के लिए राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 में संशोधन को मंजूरी दी है. मंत्रिमण्डल के इस निर्णय से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट के रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरा जा सकेगा.

बेरोजगार अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संविदा के आधार पर कंप्यूटर अनुदेशकों की नियुक्ति सरकार ने की थी. जिसको लेकर खासा हंगामा हो गया था. बेरोजगार युवकों का एक प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी से भी मिला था. कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बेरोजगार युवकों के साथ मारपीट की घटना से राज्य सरकार को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था. कैबिनेट के निर्णय से बेरोजगार अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है.

गहलोत कैबिनेट के फैसले

-जन आधार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजस्थान जन आधार प्राधिकरण नियम-2021 का अनुमोदन.

-राजस्थान पर्यटन व्यवसाय (फेसिलिटेशन एण्ड रेगुलेशन) अधिनियम-2010 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.

-सूचना सहायक के पद पर आरक्षित सूची से नियुक्ति के लिए राजस्थान कम्प्यूटर एवं अधीनस्थ सेवा नियम-1992 में संशोधन को मंजूरी.

-ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट पद की शैक्षणिक योग्यता में परिवर्तन के लिए राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 में संशोधन को मंजूरी.

जन आधार योजना का प्रभावी क्रियान्वयन

मंत्रिमंडल ने विभिन्न योजनाओं का लाभ सुगमता, सरलता एवं पारदर्शी रूप से आमजन तक पहुंचाने के लिए राजस्थान जन आधार प्राधिकरण नियम-2021 का अनुमोदन किया. इस स्वतंत्र प्राधिकरण के माध्यम से राजस्थान जन आधार योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा. साथ ही ई-मित्र परियोजना को भी इस प्राधिकरण के अधीन लाया जा सकेगा. बैठक में राजस्थान पर्यटन व्यवसाय (फेसिलिटेशन एण्ड रेगुलेशन) अधिनियम-2010 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. इससे अधिनियम के प्रावधानों को अधिक सुसंगत एवं अन्य विधिक प्रावधानों के अनुरूप बनाया जा सकेगा. संशोधन से इस अधिनियम में विहित अपराधों को संज्ञेय एवं दंडनीय अपराध के रूप में विहित किया जा सकेगा. इस संशोधन प्रस्ताव को विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा.

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