UP: इस गांव में लड़कों की नहीं हो पा रही शादी! DM की पहल से खुश ग्रामीण बोले-मैडम ने जो कहा वो किया

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रिपोर्ट: मंगला तिवारी

मिर्जापुर. ‘डीएम मैडम एक बार फिर हमारे गांव आइए, इस बार हम लोग भी देख लें, थोड़ा बात कर लें.’ मिर्जापुर के लहुरियादह गांव की दुइजी खुश होकर बताती हैं कि मैडम के आने से हमें पीने का पानी मिलने लगा, लेकिन उनको देख नहीं पाई थी. अन्य लोग आते थे तो सिर्फ वादा करते थे, लेकिन डीएम मैडम ने जो कहा वो किया. अभी कुछ दिनों पहले तक गांव के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं नसीब होता था. जबकि रोजमर्रा की जरूरत के पानी के लिए रोजाना पहाड़ के नीचे झरने में उतरना मजबूरी थी, लेकिन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के विजिट करने के बाद अब गांव के लोगों के अंदर एक उम्मीद जागी है. ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी तक पानी उपलब्ध हो जाएगा. इसके साथ गांव में लड़कों की शादी का रास्‍ता भी खुलेगा.

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिला मुख्यालय से लगभग 62 किमी दूर बसे गांव लहुरियादह की आबादी लगभग 3000 है. दशकों से यहां के लोगों की जिंदगी नहीं बदली है. सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने इस गांव की सुध नहीं ली. इस इलाके के लोगों को हर मौसम में दो बूंद पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है. वहीं, गर्मी के दिनों में तो इन गांव में रहने वाले ग्रामीणों के गले सूखने लगते हैं.

लोग झरने से निकालते थे पानी
पानी की कमी से निपटने के लिए गांव के लोग पहाड़ों में झरना खोदकर उससे पानी निकालते थे, ताकि रोजमर्रा की जरूरत पूरी की जा सकें. पानी के सीमित संसाधन होने की वजह से ग्रामीणों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़े भी हो जाते हैं. पानी की कमी के चलते बच्चों का भविष्य अंधेरे में है. पानी इकट्ठा करने के चक्कर में लड़कियां स्कूल नहीं जा पाती हैं. हालांकि डीएम की पहल के बाद अब टैंकर के जरिए गांव के लोगों तक पानी पहुंचने लगा है.

ग्रामीणों ने डीएम को कहा धन्यवाद
गांव के लल्लन यादव बताते हैं कि पहले पानी की बहुत किल्लत थी. जंगल से पानी लाते थे. कभी 5-7 किमी दूर भैसौड़ जाते थे. वहां से पीने का पानी लेकर आते थे, लेकिन जबसे डीएम मैडम आई हैं. उसके बाद से गांव में टैंकर के माध्यम से पानी आना शुरू हो गया है. वहीं जो कुआं ब्लास्ट हो गया था, उसमें भी काम लग गया है.

लड़कों की नहीं होती है शादी!
लहुरियादह गांव की बुधनी कहती हैं कि इतना बड़ा गांव है. हम लोग लाइन लगाकर झरने से पानी लाते हैं. हमारे यहां लड़कियों की तो शादी हो जाती है, लेकिन लड़कों की शादी नहीं होती. पानी के वजह से जनप्रतिनिधि चुनाव के समय वोट लेने आते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई झांकने तक नहीं आता है.

डीएम ने कही ये बात
मिर्जापुर की जिलाधिकार दिव्या मित्तल ने बताया कि लहुरियादह में काफी विकट समस्या थी. मैं स्वयं वहां गई थी. वहां का निरीक्षण किया था. इसके लिए दो तरह की कार्रवाई की जा रही है. पहले तो टैंकरों के माध्यम से ग्रामीणों को पानी मुहैया कराया जा रहा है. दूसरा वहां पर बहुत पुराना कुआं है. भूगर्भ जल वाले सर्वे कर रहे हैं. उसकी खुदाई भी चालू है. संभव है कि वहां से भी पानी की व्यवस्था हो जाए. साथ ही बीएचयू से तकनीकी राय लेते हुए एक प्रपोजल बनाया है. मेरा प्रयास है कि गर्मी से पहले लहुरियादह गांव में पानी पहुंचाया जा सके.

Tags: Drinking Water, Mirzapur news, Water Crisis



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