UP कांग्रेस का नया प्रयोग, प्रदेश अध्यक्ष के साथ बनेगें 6 कार्यवाहक अध्यक्ष, इनका नाम सबसे आगे

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हाइलाइट्स

सियासी और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर एक विशेष रणनीति
उत्तर प्रदेश में एक मजबूत संगठन खड़ा करने की कवायद में जुटी कांग्रेस

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस अब 2024 लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद से भले ही अबतक कांग्रेस अपने नये प्रदेश अध्य़क्ष का ऐलान न कर सकी हो, लेकिन मिशन-2024 को देखते हुए कांग्रेस ने सियासी और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर इस बार एक विशेष रणनीति बनाई है. जिसके तहत करीब 5 माह बाद कांग्रेस अब जल्द ही यूपी में अपने नये प्रदेश अध्यक्ष के साथ 6 कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्षों के भी नामों का ऐलान कर सकती है.

दरअसल, कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी के नेतृत्व में इस बार एक विशेष रणनीति बनाई गई है. जिसके तहत कांग्रेस मिशन-2024 से पहले देश के सबसे बड़े सूबे और 80 लोकसभा सीट वाले उत्तर प्रदेश में एक मजबूत संगठन खड़ा करने की कवायद में जुट गई है. इस दौरान कांग्रेस पार्टी को प्रदेश के हर जिले, ब्लॉक और गांव के साथ हर घर तक मजबूत करने के लिये एक नये फॉर्मूले पर काम कर रही है. जिसके तहत कांग्रेस जहां पहले ही यूपी में अपने संगठन को मजबूत करने के लिये अवध, पूर्वांचल, प्रयाग, पश्चिम, ब्रज और बुंदेलखंड जैसे 6 जोन में बांट चुकी है. तो वहीं अब कांग्रेस जल्द ही प्रदेश के सियासी और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने नये प्रदेश अध्यक्ष के साथ हर एक जोन में एक कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष के नामों का भी ऐलान कर सकती है.

प्रमोद तिवारी और पीएल पुनिया जैसे नेताओं ने खड़े किये हाथ

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान उत्तर प्रदेश में इन दिनो एक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और 6 कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिये कई बड़े नेताओं के नाम पर लगातार मंथन कर रहा है. लेकिन इस दौरान यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी और छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया जैसे दिग्गज नेता कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेने से भागते नजर आ रहे है.  इन नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान से भी ये जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है. जिसके पीछे दबी जुबान में सबसे बड़ा कारण उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के हर फैसले और कार्यक्रम में प्रभारी प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह का जरूरत से ज्यादा दखल और दबदबा बताया जा रहा है.

पूर्व सांसद राजेश मिश्रा या निर्मल खत्री बन सकते है प्रदेश अध्यक्ष

ऐसे में प्रमोद तिवारी और पुनिया के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में इस वक्त वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा और फैजाबाद-अयोध्या के पूर्व सांसद निर्मल खत्री सबसे आगे नजर आ रहे है. तो वहीं कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश उपाध्यक्ष और महाराजगंज के फरेंदा से विधायक वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिंद्दीकी, डाली शर्मा और योगेश दीक्षित को कांग्रेस का कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है.

Tags: Congress, UP latest news



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