UP के Drugs माफिया के निशाने पर कुमाऊं के नौजवान, नशे के धंधे का गढ़ ऐसे बन रहा है US Nagar

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चंदन बंगारी
रुद्रपुर. उधमसिंह नगर ज़िले में अपराधों के तेज़ी से बढ़ते ग्राफ के पीछे एक बड़ी वजह नशे का चलन बढ़ना है. आंकड़े बता रहे हैं कि कैसे पूरे कुमाऊं में यह ज़िला नशे के कारोबार का गढ़ बन गया है. यही नहीं, जानकार मान रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के ज़िलों से सटे होने के कारण यहां ड्रग्स से जुड़े तमाम अपराध और एक्टिविटी हो रही हैं. यूपी के बरेली, रामपुर और मुरादाबाद में बैठे नशा माफिया यूएसनगर को नशे के दलदल में धकेलने में लगे हैं. नौजवानों को न केवल नशे का आदी बनाया जा रहा है बल्कि तस्करी भी कराई जा रही है.

पहले आंकड़े देखें तो बीते 6 महीनों में कुमाऊं के 6 ज़िलों में नशे की 8 करोड़ से अधिक की खेप पकड़ी गई है. अकेले यूएसनगर में पकड़े गए स्मैक, चरस, गांजा, अफीम की कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपये रही. इस साल जून के महीने तक मंडल में 360 ड्रग्स तस्करों की गिरफ्तारी हुई और इनमें से सबसे ज्यादा दर्ज 99 केसों में 153 इसी ज़िले से दबोचे गए. 5000 से अधिक नशे के इंजेक्शन और 6000 से ज़्यादा नशे की गोलियां पकड़ी जा चुकी हैं.

ज़िला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडे का कहना है कि किशोरों और महिलाओं का भी इस कारोबार में सहारा लेने से नशा माफिया चूक नहीं रहा. पांडे कहते हैं कि बच्चों को नशे की आदत लगाकर बड़े अपराधी बड़े गुनाह कर रहे हैं. वहीं, एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कारण बताते हुए कहा कि यूपी के साथ सटे होने के चलते यह कारोबार बढ़ रहा है. उन्होंने बच्चों, किशोरों से नशे से दूर रहने की अपील भी की.

नशे के मरीज़ों को इलाज कैसे मिले?
अब अगर कुमाऊं मंडल में नशे के शिकार लोगों के इलाज की बात करें तो सरकारी इंतज़ाम कुछ नहीं हैं. सिर्फ इंजेक्शन के आदी लोगों को सरकारी अस्पतालों के ओएसटी केंद्रों से दवा दी जाती है. अकेले रुद्रपुर के ज़िला अस्पताल की ओएसटी में करीब 500 इंजेक्शन पीड़ित इलाज के लिए आ चुके हैं. यूएसनगर में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र खोलने की मांग लंबे समय से है पर अब तक कोई हल नहीं निकला है.

मनोवैज्ञानिक डॉ. श्वेता दीक्षित का कहना है कि नशा भी एक मनोरोग है या मनोरोग का ही परिणाम है इसलिए इसका इलाज संभव है. उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से ज़िले में नशे के रोगी बढ़ रहे हैं, यहां सभी सुविधाएं मुहैया करवाने वाला एक नशामुक्ति केंद्र होना ही चाहिए. यह भी कहा जा सकता है कि सरकारी तंत्र की अनदेखी के चलते ही ड्रग्स तस्कर मोटे मुनाफे के चलते नौजवानों की नसों में नशे का ज़हर घोलकर यूएसनगर को उड़ता पंजाब बना रहे हैं.

Tags: Drug mafia, Up uttarakhand news live



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