UP: बाराबंकी में सरयू नदी का तांडव जारी, देखते ही देखते नदी में जलमग्न हो गए 18 मकान

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बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में इन दिनों सरयू नदी (घाघरा नदी) के तांडव से लोगों में खौफ का माहौल है. लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी से कभी घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ जा रहा है तो कभी जलस्तर कम होने से नदी की जबरदस्त कटान शुरू हो जाती है. घाघरा की इसी कटान में लगभग डेढ़ दर्जन मकान समा चुके हैं. नदी का पानी खेती योग्य जमीन और घरों को काटता हुआ गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे अभी कई और मकान कटान के मुहाने पर हैं. इससे यहां के लोगों में हड़कंप मचने के साथ ही पलायन और तेज हो गया है.

दरअसल, बाराबंकी, गोंडा और बहराइच सीमा से बहने वाली सरयू-घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से भले ही कम हो गया हो, लेकिन नदी की कटान में तेजी आ गयी है. बाराबंकी की तहसील रामसनेहीघाट अंतर्गत बसंतपुर और पत्रा गांव के लगभग डेढ़ दर्जन मकान घागरा नदी में बह जाने के बाद यहां दहशत का माहौल है. गनीमत यह रही कि लोग कटान को देखते हुए मकान पहले ही खाली कर चुके थे, जिनका मकान कट चुका है वह या तो बांध पर या अपने रिश्तेदार के यहां शरण लिए हुए हैं.

वहीं सिरौलीगौसपुर तहसील के तेलवारी, गोबरहा ,समेत आधा दर्जन गांवों के पास भी कटान तेज होने से क्षेत्र में हड़कम्प मचा हुआ है. सरयू नदी में समा रहे घरों को बचाने में बाराबंकी जिला प्रशाशन नाकाम साबित हो रहा है. इधर सिरौली गौसपुर के गोबरहा, नव्वनपुरवा, मांझारायपुर, परसावल, भैरवकोल, इटहुवा, तेलवारी गांवों में पानी भरा होने के कारण सभी गांव वाले सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे है, मगर प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था न होने से लोगों के लिए दिक्कतें काफी हैं.

इस बीच बाराबंकी के अपर जिला अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि सरयू नदी का पानी तेजी से घट रहा है और वह खतरे के निशान से नीचे आ गया है. सभी बाढ़ चौकियों को एक्टिव किया जा चुका है. राहत शिविर चिन्हित किये जा चुके हैं. एडीएम ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की जो भी समस्याएं हैं उन्हें दूर करने के निर्देश संबंधित तहसीलों के एसडीएम को दिए गए हैं. जहां पर भी कटान हो रही, उसे रोकने के आदेश बाढ़ खंड को दिए गए हैं.

Tags: Barabanki News, Uttar pradesh news



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