UP: मेरठ में मौसमी बीमारियों का कहर, सरदार पटेल अस्पताल में जरूरी दवाइयों का टोटा

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रिपोर्ट: विशाल भटनागर

मेरठ: प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग चाहे जितना बेहतर स्वास्थ्य सिस्टम होने का दावा कर ले. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. पश्चिम उत्तर प्रदेश (West Uttar-pradesh) के मेडिकल कॉलेज (Medical college) में संचालित सरदार वल्लभभाई पटेल चिकित्सालय. जहां अब दवाइयों का टोटा हो गया है. यहां आने वाले मरीजों को दवाइयों के शॉर्टेज का सामना करना पड़ रहा है. आलम यह है कि डॉक्टरों द्वारा पर्चे पर लिखे जाने वाली दवाइयों में सिर्फ दो से तीन दवाइयां ही अस्पताल में उपलब्ध रहती हैं. अन्य महंगी दवाइयां मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती हैं. जो गरीबों के लिए किसी बड़ी बीमारी से कम नहीं है.

मौसम बदलाव से संक्रमण में तेजी
मौसम में बदलाव के साथ ही संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है. जिसके कारण कई बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है. चर्म रोग संबंधित मरीज हो, बुखार हो या अन्य प्रकार की बीमारियां हो उनका संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. जिसके कारण मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में पहले की तुलना में इजाफा हो गया. प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज अपना उपचार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे.

पैरासिटामोल की भी हो रही है कमी
मेडिकल कॉलेज की बात की जाए तो अब पैरासिटामोल की भी बड़ी कमी देखने को मिल रही है. मेडिकल प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि 1 सप्ताह में 50,000 मरीजों को पैरासिटामोल वितरित की जाती है. वहीं इसकी तुलना में जब दवाइयों की मांग की जाती है तो दवाइयां इतनी मात्रा में उपलब्ध नहीं होती है. जिसे कहीं ना कहीं दवाइयों की किल्लत देखने को मिलती है.

इन दवाइयों का भी है टोटा
अस्पताल में सिप्रोफ्लोक्सासिन-500एमजी, बेताहिस्टिन-8एमजी, सेफिक्साइम-200एमजी, ओन्डेनसेट्रॉन- 4एमजी, रैनिटिडिन-150एमजी, पोंटॉप- 40एमजी, बिसाकोडी-5एमजी, अवॉक्सी- 375एमजी, सीपीए- 4एमजी, एपशन-100एमजी सहित काफी ऐसी दवाइयां जिनकी मेरठ मेडिकल कॉलेज में काफी कमी है.

शासन को कराया गया है अवगत-CMS
मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ केएन तिवारी ने कहा कि, मेडिकल में जो दवाइयों की कमी देखने को मिल रही है. उसके लिए शासन को पत्र लिख दिया गया है. साथ ही जिस तरह से दवाइयों की खपत बढ़ी है. उसके अनुसार ही टेंडर कर दवाइयां मांगी जा रही हैं. हालांकि खपत के अनुसार दवाइयां नहीं मिलती. जिससे इस तरह का अभाव देखने को मिलता है. लेकिन अन्य माध्यमों से जो नियमों के अंतर्गत हैं. मरीजों के लिए दवाई उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी.

Tags: Deputy CM Brajesh Pathak, Meerut College, Meerut news, UP news, Yogi government



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