Up elections 2022 bjp prateek bhushan singh contestin from gonda uttar pradesh

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ममता त्रिपाठी
लखनऊ.
यूपी का चुनाव (UP Elections 2022) बाहुबलियों के जिक्र के बिना अधूरा सा लगता है. कोरोना काल में ओटीटी के बढ़ते चलन के बाद उस पर आने वाली ज्यादातर वेब सीरीज में भी यूपी के माफिया और बाहुबलियों का ही जिक्र दिखता है. मिर्जापुर इसी कड़ी की सबसे हिट वेब सीरीज थी, जिसके एक-एक डायलाग को सुनकर पूर्वाचल के लोग तालियां बजा रहे थे. 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव (UP Elections) में बाहुबली सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) अपने बेटे प्रतीक भूषण सिंह (Prateek Bhushan Singh) के लिए चुनाव प्रचार में मिर्जापुर के कालीन भइया का डायलॉग बोलते हुए सुने जा रहे हैं.

गोंडा के मिसरौलिया गांव में चुनाव प्रचार करने के दौरान ब्रज भूषण शरण सिंह ने मिर्जापुर वेब सीरीज के किरदार कालीन भइया के स्टाइल में हाथ जोड़कर लोगों से बोला कि ‘वो बेवकूफ है, ये important नहीं है…हमारा लड़का है, वो important है. इसलिए आप लोग प्रतीक को वोट दीजिए.’ पूरे शहर में ये डायलॉग चर्चा का विषय बना हुआ है.

ब्रज भूषण शरण सिंह अपने इलाके के बाहुबली हैं. मगर इस बार बेटे के चुनाव प्रचार में वो दरवाजे दरवाजे वोट मांगने के लिए जा रहे हैं. प्रतीक गोंडा सदर से ही मौजूदा विधायक है लेकिन क्षेत्र की जनता के प्रति निष्क्रियता से लोगों में उनके प्रति जोश कम नजर आ रहा है.

ब्रज भूषण शरण सिंह कैसरगंज से भाजपा के सांसद हैं. आपको बता दें कि गोंडा की सदर सीट से प्रतीक भूषण सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं. उनका मुकाबला सपा के सूरज सिंह से है जो विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह के भतीजे हैं. पंडित सिंह इस सीट से कई बार विधायक रहे. वह सपा की सरकारों में मंत्री भी रहे. पंडित सिंह का कोरोना काल में पिछले साल मई में निधन हो गया था.

खाता ना बही, जऊन पंडित सिंह कहिन वयह सही…और जउन जनता कहै वहय सही….ये डायलाग आज भी लोगों की जुबान पर हैं. बसपा ने मोहम्मद जकी और कांग्रेस ने रमा कश्यप को चुनावी मैदान में उतारा है.

निखिल मिश्रा की गोंडा में ही एक इलेक्ट्रानिक की दुकान हैं. वह कहते हैं कि युवा होने के बाद भी प्रतीक आम जनता की दिक्कतों और परेशानियों में साथ नहीं दिखते. लोग परेशानियां लेकर जाते हैं तो भी उसका निराकरण जल्दी नहीं होता.

गोंडा के लोग बताते हैं कि पहले दोनों परिवारों में दोस्‍ती थी. सूरज सिंह के पिता रविंदर सिंह और ब्रजभूषण सिंह दोस्त हुआ करते थे और साथ साथ ठेकेदारी का काम किया करते थे. मगर गोलीबारी में रविंदर सिंह की मौत हो गई और उसके कुछ दिन बाद ही पंडित सिंह पर भी हमला हुआ जिसमें वो बुरी तरह से घायल हो गए थे. उस मामले में ब्रज भूषण सिंह को ही आरोपी बनाया गया था. निजी अदावत अब राजनीतिक अदावत में बदल चुकी है.

आंकड़ों की बात करें तो यहां करीब तीन लाख चालीस हजार मतदाता हैं. ब्राहमण और मुस्लिम मतदाता करीब एक एक लाख है. पिछड़ा वर्ग करीब 80 हजार, दलित मतदाता 45 हजार, अन्य 15 हजार हैं.

आपके शहर से (गोंडा)

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Tags: BJP, Gonda news, UP Election 2022, Uttar Pradesh Elections



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