UP News: गाजियाबाद में 6 साल की मासूम से डिजिटल रेप, आरोपी फरार, पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ केस

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हाइलाइट्स

गाजियाबाद में 6 साल की मासूम से डिजिटल रेप
आरोपी पड़ोसी युवक फरार
FIR दर्ज कर गिरफ्तारी में जुटी पुलिस

गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 6 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ डिजिटल रेप की घटना सामने आई है. थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में शनिवार रात घर में नाबालिग भाई-बहन के साथ छह वर्षीय बच्ची मौजूद थी. जिसके साथ पड़ोसी युवक ने डिजिटल दुष्कर्म किया. पीड़िता की मां ने आरोपी के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है. जहां आरोपी अभी भी फरार है. पुलिस, आरोपी की तलाश कर रही है.

थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी इलाके में एक महिला 14 एवम 6 साल की बेटी और नौ साल के बेटे के साथ रहती है. बताया गया कि उसके पति की मौत हो गई है. वह एक निजी अस्पताल में नर्सिंग का काम करती है. शनिवार रात में वह ड्यूटी पर गई हुई थी. रविवार सुबह वापस आई तो बच्चे उससे लिपट कर रोने लगे. बड़ी बेटी ने बताया कि पड़ोसी युवक ने बहन के साथ रात में गलत हरकत की. यह सुनकर महिला के होश उड़ गए.

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
बड़ी बेटी द्वारा घटना बताए जाने के बाद महिला, पड़ोसी के कमरे में गई तो पता चला कि वह रात से फरार है. महिला ने पुलिस को सूचना दी. जहां मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया. इंदिरापुरम कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवपाल सिंह पुंडीर ने बताया कि पीड़िता की मां ने आरोपित के खिलाफ नामजद शिकायत दी है. उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके आरोपित की तलाश की जा रही है.

आरोपी को जल्द किया जाएगा गिरफ्तार- एसपी ज्ञानेंद्र सिंह
पूरे मामले को लेकर एसपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इंद्रपुरम के कनौनी मुहल्ले में करीब 5 साल की बच्ची के साथ रेप की सूचना मिली है. सूचना के बाद पुलिस तत्काल मौके पर गई. उन्होंने कहा कि बच्ची का मेडिकल कराकर उचित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. एसपी ने कहा कि नामजद आरोपी केस दर्ज कर लिया गया है. आरोपी पीड़िता के परिवार के जान-पहचान का ही है. उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा.

क्या होता है ‘डिजिटल रेप’?
डिजिटल रेप जैसा कि सुनने में लगता है डिजिटली या वर्चुअली किया गया सेक्सुअल अपराध नहीं है. बल्कि यह वह अपराध है जिसमें रिप्रोडक्टिव ऑर्गन की जगह किसी की मर्जी के बिना उंगलियों या हाथ-पैर के अंगूठे से जबरन पेनेट्रेशन किया गया हो. यहां डिजिट शब्द का मतलब इंग्लिश के फिंगर, थंब या पैर के अंगूठे से है. यही वजह है कि इसे ‘डिजिटल रेप’ कहा जाता है. दिसंबर 2012 से पहले देश में डिजिटल रेप को छेड़खानी समझा जाता था. लेकिन निर्भया काण्ड के बाद देश की संसद में नए रेप लॉ को पेश किया गया और इसे यौन अपराध मानते हुए सेक्शन 375 और पॉक्सो एक्ट की श्रेणी में रखा गया.

Tags: Ghaziabad case, Ghaziabad News, Pocso act, Uttarpradesh news



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