UP News: नोएडा के इस सेक्टर बंदरों के आतंक से हड़कंप, जानिए कौन हैं सॉफ्ट टारगेट

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रिपोर्ट: आदित्य कुमार

नोएडा: उत्तर प्रदेश का शो विंडो कहे जाने वाले शहर नोएडा में इन दिनों बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है. खास तौर से बच्चे और बुजुर्गों को ये बंदर अपना निशाना बना रहे हैं. आए दिन बंदर लोगों को काट रहे हैं और घरों के सामान को बर्बाद कर रहे हैं. NEWS18 LOCAL से बात करते हुए नोएडा सेक्टर- 122 में रहने वालीं स्वाति अग्रवाल बताती हैं कि उनके घर पर बंदरों का झुंड आए दिन हमला करते रहते हैं. घर की छत पर जाकर टंकी खोल देते हैं. पानी को गंदा कर देते हैं. छत पर कोई सामान छूट जाता है तो टंकी में डाल देते हैं या फिर नीचे फेंक देते हैं. घर का दरवाजा खुला रह जाए तो घर के अंदर धावा बोल देते हैं. किचन में घुसकर फ्रीज में से रखा सारा सामान बाहर फेंक देते हैं. अगर उसका विरोध करें तो हमला करते हैं. हम लोग इतने डरे हुए हैं कि घर से बच्चों को बाहर भेजने में भी खतरा रहता है. कई लोगों को काट भी चुके हैं.

बच्चों और बुजुर्गों को बनाते हैं निशाना
विक्रम सिंह बताते हैं कि मेरे घर के पीछे कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है. वहां काम कर रहे मजदूरों को पिछले दिनों ही बंदरों ने काटा था. जब भी कोई व्यक्ति खास तौर से बूढ़े और बच्चे घर से बाहर पार्क में घूमने आते हैं. वैसे ही उनपर बंदर टूट पड़ते हैं. बुजुर्गो की लाठी लेकर भाग जाते हैं. बच्चों के हाथ से गेंद या कोई भी चीज छीन ले जाते हैं.

1 बंदर को पकड़ने पर आएगा 10 हजार का खर्च
यहां रह रहे लोगों की कहना है कि 4 साल से हम बंदरों के हमले झेल रहे हैं. हमारी सुध ना तो प्राधिकरण ले रहा है और ना ही वन विभाग. आरडब्ल्यूए सेक्टर-122 के अध्यक्ष उमेश शर्मा बताते हैं कि हम खुद से बंदरों को नहीं पकड़ सकते. एक बंदर को पकड़ने का खर्च 5 से 10 हजार आता है. ऐसे में हमारे पास कोई ठीक आंकड़ा भी नहीं है कि कितने बंदर हैं. ऐसे में सभी को पकड़ना बहुत मुश्किल है.

क्या कहना है प्राधिकरण और वन विभाग का
नोएडा प्राधिकरण के हेल्थ इंस्पेक्टर राकेश भाटी बताते हैं कि बंदर पकड़ने वाला बहुत दिनों से नोएडा में नहीं था. एक दो दिन में वो आ जाएगा औक सात अगस्त तक यह समस्या दूर हो जाएगी. वहीं, वन विभाग के अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने फोन नहीं उठाया.

Tags: Noida news, Uttar pradesh news



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