UP Panchayat Chunav: ओबामा-ट्रंप की तर्ज पर मैनपुरी में चुने गए ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी, जानें क्‍यों आई यह नौबत

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मैनपुरी की औरंध ग्राम सभा में प्रधान पद के प्रत्‍याशी के लिए हुआ मतदान.

UP Panchayat Chunav: उत्‍तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मैनपुरी की औरंध ग्राम सभा में प्रधान पद (Gram Pradhan) के लिए अमेरिका की तर्ज पर प्रत्‍याशी का चयन किया गया है. यह बात आजकल खासी चर्चा में है.

मैनपुरी. उत्‍तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसी क्रम में मैनपुरी में ग्राम प्रधान के प्रत्याशी के चुनाव के लिए अमेरिका की तर्ज पर प्रत्याशी चयन का अनोखा मामला सामने आया है. जिले की औरंध ग्राम सभा में प्रधान पद (Gram Pradhan) के लिए आंतरिक चुनाव कराया गया. 15 दिनों से इसकी तैयारियां चल रही थीं. इसके लिए गांव में कई बार बैठकें भी की गईं. इसके बाद गांव के बुजुर्गों द्वारा निर्णय लिया गया कि क्यों न हम लोग अपने लिए बेहतर प्रत्याशी को चुनें. यही नहीं, इसके लिए मतदान की प्रक्रिया का सहारा लिया गया जिसमें तीन प्रत्याशी मैदान में उतरे. इसमें से गांव के ही अखंड प्रताप सिंह ने 724 वोट हासिल कर जीत दर्ज की.

बहरहाल, अमेरिका में 2 राजनीतिक दल (रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी) हैं. राष्ट्रपति चुनाव में दोनों प्रमुख दल अपने-अपने उम्मीदवार खड़ा करते हैं और उम्मीदवार बनने से पूर्व इनको एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसा ही कुछ हुआ है मैनपुरी के ग्राम औरंध में. अमेरिका में जिस तरह पार्टी के उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया अपनाई जाती है, ठीक उसी तरह मैनपुरी के औरंध में प्रधान पद के प्रत्याशी का फैसला किया गया.

दरअसल, गांव के तीन प्रत्याशी प्रधान पद के लिए दावेदार थे, लेकिन प्रधान एक को होना था. यह बात गांव के बुजुर्गों को ठीक नहीं लगी और उन्‍होंने गांव में एक बैठक बुलाई. बैठक में तय हुआ, ‘क्यों न गांव में वोटिंग कराई जाए और तय किया जाए कि प्रधान पद का प्रत्याशी कौन होगा.’ उसके बाद उस गांव में मतदान कराया गया. मतदान में 3 प्रत्याशी खड़े हुए अखंड प्रताप सिंह, सत्यपाल सिंह और सुनील कुमार. इसमें से अखंड प्रताप सिंह ने 724 वोट पाकर प्रधान पद प्रत्याशी की उम्मीदवारी जीत ली और अपने प्रतिद्वंद्वी सतपाल सिंह को 340 मतों से हरा दिया.

इस तरह से कराया मतदानमैनपुरी के औरंध गांव में 7 सदस्यीय समिति ने गांव में चुनाव पर आने वाले खर्च का प्रबंध किया. गांव से तीन दावेदार थे. तीनों के नाम और फोटो युक्त मत पत्र छपवाए गए. मतदान के लिए गांव को 5 भागों में बांटकर 5 बूथ बनाए गए. हर मतदान केंद्र पर एक पीठासीन अधिकारी भी नियुक्त किया गया. सोमवार को सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक मतदान हुआ.

कुल 1936 में से 1138 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया. गांव के मंदिर परिसर को मतगणना केंद्र बनाया गया. तीनों प्रत्याशियों के चुनाव एजेंट की मौजूदगी में मतों की गिनती की गई और 724 मत हासिल कर अखंड प्रताप सिंह ने बाजी मार ली. आपको बता दें कि आजादी के बाद से औरंध में प्रधानी रही है, लेकिन पिछले दो बार से ज्‍यादा संख्‍या में लोगों के खड़े होने के कारण प्रधानी दूसरे गांव में चली गई थी, जो कि औरंध ग्राम पंचायत का हिस्‍सा है.


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