UP varsities to promote all first-year students यूपी में विश्वविद्यालय सभी प्रथम वर्ष के छात्रों को करेंगे प्रमोट

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राज्य और निजी दोनों विश्वविद्यालयों को 13 अगस्त से पहले ओएमआर आधारित परीक्षा आयोजित करनी होगी जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 02 Jun 2021, 01:48:37 PM
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समिति ने किया कोरोना काल के लिहाज से निर्णय. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • अंतिम वर्ष के छात्रों का मूल्यांकन एक परीक्षा के माध्यम से
  • सभी प्रथम वर्ष के छात्र द्वितीय वर्ष में पदोन्नत होंगे
  • सभी परिणाम 31 अगस्त तक घोषित किए जाने हैं

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रथम वर्ष के सभी छात्रों को द्वितीय वर्ष में पदोन्नत किया जाएगा. यूपी विश्वविद्यालयों में विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्रों का मूल्यांकन उनकी डिग्री प्राप्त करने से पहले एक परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा. ये सिफारिशें छात्रों को बढ़ावा देने के तौर तरीकों पर काम करने के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा की गई हैं. उन विश्वविद्यालयों के लिए जहां वार्षिक योजना के तहत यूजी और पीजी दोनों पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं, समिति ने सभी प्रथम वर्ष के छात्रों को द्वितीय वर्ष में पदोन्नत करने का निर्णय लिया है.

ऐसे सभी छात्रों के प्रथम वर्ष के परिणाम द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर तैयार किए जाएंगे. 2020 में प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने वाले विश्वविद्यालय ऐसे छात्रों के प्रथम वर्ष में उनके प्रदर्शन के आधार पर दूसरे वर्ष के परिणाम तैयार करेंगे. इसके बाद छात्रों को तृतीय वर्ष में प्रमोट किया जाएगा. दूसरे वर्ष के छात्र जिन्होंने पिछले साल परीक्षा नहीं दी थी, वे भी परीक्षा देंगे. हालांकि, जो विश्वविद्यालय 2020 में प्रथम वर्ष के लिए परीक्षा आयोजित नहीं कर सके, छात्रों को ओएमआर आधारित परीक्षा के माध्यम से दूसरे वर्ष में परीक्षा देनी होगी. परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें तीसरे वर्ष में प्रवेश दिया जाएगा. राज्य और निजी दोनों विश्वविद्यालयों को 13 अगस्त से पहले ओएमआर आधारित परीक्षा आयोजित करनी होगी जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं. 

ओएमआर ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ऑप्टिकल मार्क रीडिंग भी कहा जाता है) है और यह सर्वेक्षण और परीक्षण जैसे दस्तावेज रूपों से मानव चिह्न्ति डेटा कैप्चर करने की प्रक्रिया है. उनका उपयोग प्रश्नावली, बहुविकल्पीय परीक्षा पत्र को पंक्तियों या छायांकित क्षेत्रों के रूप में पढ़ने के लिए किया जाता है. सभी परिणाम 31 अगस्त तक घोषित किए जाने हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सेमेस्टर सिस्टम के तहत दूसरे सेमेस्टर के जिन छात्रों ने अपनी परीक्षा नहीं दी है, उनके लिए सभी विश्वविद्यालय पहले सेमेस्टर की परीक्षा में अपने प्रदर्शन के आधार पर परिणाम तैयार करेंगे. सभी यूजी और पीजी छात्रों के लिए एक ही फॉमूर्ला लागू होगा जो विषम सेमेस्टर में हैं.



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First Published : 02 Jun 2021, 12:13:52 PM


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