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Online Payment Fraud: जैसे-जैसे डिजिटल ट्रांजैक्शन (Digital Transaction) बढ़ रहा है उसी स्पीड से ठगी भी बढ़ रही है. साइबर ठग फ्रॉड के लिए नई-नई ट्रिक अपना रहे हैं. कभी एटीएम या क्रेडिट कार्ड के बारे में तो भी बैंक अकाउंट के अपडेट की बात कहकर लोगों के साथ ठगी होती है. कभी केवाईसी तो कभी लॉटरी जीतने के नाम पर चूना लगाने के मामले भी खूब सामने आ रहे हैं.

इन तमाम ठगी के मामलों में एक बहुत ही कॉमन मामला है लॉटरी लगने का. ठग फोन करते हैं कि आपने कार जीती है या लाखों रुपये की लॉटरी निकली है. भोले-भाले लोग इनकी बातों में आ जाते हैं और कड़ी मेहनत से पाई-पाई करके इकट्ठा कर जोड़ी गई कमाई लुटा बैठते हैं.

ऑनालइन फ्रॉड
ये ठग लोगों को लॉटरी जीतने के नाम पर बेवकूफ बनाते हैं और लॉटरी के पैसे पाने के लिए एक लिंक भेजकर उस पर क्लिक करके यूपीआई पिन डालने के लिए कहते हैं. जैसे ही कोई आदमी इस लिंक पर यूपीआई पिन डालता है उसके बैंक खाते की डिटेल साइबर ठगों के पास चली जाती है और वे खाते से सारी रकम अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते हैं.

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इस तरह की ठगी को ध्यान में रखते हुए एनपीसीआई समय-समय पर अलर्ट जारी करता है. एनपीसीआई का कहना है कि पैसे हासिल करने के लिए यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती है. यूपीआई पिन का इस्तेमाल अपने अकाउंट से किसी और के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने या फिर किसी भुगतान के लिए किया जाता है. साफ है कि यूपीआई पिन का इस्तेमाल करने पर अकाउंट से पैसे कटते हैं, ना कि अकाउंट में पैसे आते हैं.

मोबाइल वॉलेट की चाबी है यूपीआई पिन
यूपीआई पिन एक तरह से आपके मोबाइल फोन में दर्ज आपके बैंक खातों की चाबी होती है. अगर यह चाबी किसी और के हाथ लग जाए तो वह आपका अकाउंट खाली कर सकता है. दरअसल, ऑनलाइन ट्रांजैक्सन के लिए UPI की सेवा लेनी होती है और इसके लिए एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है. इसे अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होता है. वर्चुअल पेमेंट एड्रेस आपका फाइनेंशियल एड्रेस बन जाता है. इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती है.

यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करने के लिए आपको यूपीआई की सुविधा देने वाले ऐप डाउनलोड करने होंगे. पेटीएम, फोनपे, गूगलपे, ऐमजॉन पे, भीम सहित कई ऐप पर यह सुविधा है. इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए बैंक अकाउंट से आपका मोबाइल नंबर जरूर लिंक होना चाहिए.

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यूपीआई पिन कैसे तैयार करें
यूपीआआई की सुविधा वाला ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपको अपने बैंक को सेलेक्ट करना होगा. यहां एक वेरिफिकेशन किया जाएगा. वेरिफिकेशन के बाद आपका वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार हो जाता है. अब आप की मदद से यूपीआई ट्रांजेक्शन आसानी से कर सकेंगे.

यूपीआई पेमेंट सिस्टम
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस नेशनल पेमेंट ऑफ इंडिया ने विकसित किया है. इससे आप मोबाइल वॉलेट के जरिए किसी और के बैंक खाते में पैसे भेज सकते हैं. इस तकनीक से आप कहीं से भी किसी भी समय फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं.

कैसे बचें फ्रॉड से
अपना यूपीआई पिन किसी के साथ भी शेयर ना करें.
हमेशा भरोसेमंद ऐप पर ही यूपीआई से भुगतान करें.
भीम ऐप सबसे भरोसेमंद डिजिटल पेमेंट ऐप है.
किसी अंजान लिंक पर क्लिक ना करें.
अंजान लिंक पर यूपीआई पिन का इस्तेमाल तो कतई ना करें.
ऐसे लिंक के जरिए फिशिंग स्कैम किए जाते हैं.
यूपीआई पिन को समय-समय पर बदलते रहें.

Tags: Digital payment, Online fraud, Upi



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