Varanasi: डुबकी तो छोड़िए, आचमन करने लायक नहीं है गंगा का पानी, एक्सपर्ट की रिपोर्ट में खुलासा

0
18


रिपोर्ट: अभिषेक जायसवाल

वाराणसी: मोक्षदायिनी गंगा (Ganga) का जल निर्मल नहीं है. भोले की नगरी काशी (Kashi) में गंगा जल को लेकर चौंकाने वाला सच सामने आया है. संकट मोचन फाउंडेशन (Sankat Mochan Foundation) की एक रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी (Varanasi) में गंगा का जल नहाने लायक भी नहीं है. वाराणसी में आठ स्थानों से लिए सैम्पल्स के बाद फाउंडेशन ने ये रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में गंगा जल में फेकल कोलीफॉर्म मानक से कई गुना अधिक पाया गया है. जो उन लोगों के लिए चिंताजनक है, जो गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं.

आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) के प्रोफेसर और फॉउंडेशन के अध्यक्ष विशंभर नाथ मिश्रा ने बताया कि गंगा में सीधे गिरने वाले कई नाले बंद तो जरूर हुए हैं, लेकिन कहीं न कहीं उसका पानी गंगा में आ रहा है. अस्सी (Assi) और वरुणा (Varuna) से बड़ी मात्रा में सीवेज का पानी गंगा में जा रहा है, जिसके कारण वहां फेकल कोलीफॉर्म करोड़ों में है.

आचमन और नहाने योग्य नहीं है गंगा जल

बताते चलें कि नहाने के पानी में फेकल कोलीफॉर्म 100 मिलीलीटर में 500 से कम होना चाहिए.लेकिन गंगा में जहां अस्सी मिलती है, वहां 3 करोड़ 10 लाख और डाउन स्ट्रीम में जहां वरुणा मिलती है, वहां 6 करोड़ के करीब है. 14 जुलाई की रिपोर्ट में ये तथ्य सामने आया है. इसके अलावा तुलसीदास पर 65 हजार, शिवाला घाट पर 35 हजार, राजेन्द्र प्रसाद घाट पर 21 हजार और ललिता घाट पर 16 हजार है. जो साफ दर्शाता है कि गंगा जल में बड़ी मात्रा में सीवेज का पानी है. ऐसे में गंगा जल नहाने लायक तो दूर आचमन लायक भी नहीं है, लेकिन फिर भी श्रद्धा है कि लोग गंगा में स्नान कर रहे हैं.

ये है प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा

संकट मोचन फॉउंडेशन के आंकड़ों से इतर यदि बात उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की करें तो उनके क्षेत्रीय अध्यक्ष कालिका सिंह का कहना है कि गंगाजल की सेहत में बीते 7 सालों में काफी सुधार हुआ है. वाराणसी के दीनापुर, रमना, गोइठहां और रामनगर एसटीपी प्लांट में करीब हर रोज 300 एमएलडी सीवेज जल का ट्रीटमेंट किया जाता है. वाराणसी में गंगा में मिलने वाले 23 नालों में से 19 को पूरी तरह बंद कराया जा चुका है. बाकी नालों के टेपिंग के लिए भी काम जारी है, लेकिन यदि नाले बन्द हो गए हैं तो फिर गंगा जल वाराणसी में नहाने योग्य क्यों नहीं है ये बड़ा सवाल है.

Tags: Gangajal, Study, Varanasi news



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here