Varanasi News: कश्मीरी पंडितों को काशी में मिला मोक्ष का अधिकार,पिशाच मोचन तीर्थ पर हुआ ये विशेष अनुष्ठान

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रिपोर्ट-अभिषेक जायसवाल,वाराणसी

वाराणसी: 1990 से कश्मीर में हिंदुओ  (Kashmiri Hindus ) का नरसंहार शुरू हुआ था.इस नरसंहार में कई हिंदुओ की निर्मम हत्या हुई थी.इसी नरसंहार में मारे गए हिंदुओ की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए काशी (Kashi) में विशेष अनुष्ठान हुआ.काशी में हुए इस विशेष अनुष्ठान में फिल्म अभिनेता अनुपन खेर (Anupam Kher) शामिल हुए.खास बात ये रही कि काशी के पिशाच मोचन तीर्थ पर इस अनुष्ठान को किया गया.वैदिक मंत्रोच्चार के बीच काशी के विद्वान ब्राह्मणों ने कश्मीर में मारे गए हिंदुओ की आत्मा की शांति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध कर्म किया.

फिल्म अभिनेता अनुपम खेर के अलावा देश के आठ राज्यों के विद्वान और ब्राह्मण भी इस अनुष्ठान के साक्षी बने. पिशाच मोचन तीर्थ के पुरोहित पण्डित श्रीनाथ पाठक के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों ने इस अनुष्ठान को सम्पन्न कराया. बताते चले की आगमन सामाजिक संस्था और ब्रह्म सेना (Bramh Sena) द्वारा इस खास अनुष्ठान का आयोजन किया था.

फ़िल्म की शूटिंग के वक्त लिया था फैसला
फिल्म अभिनेता अनुपन खेर ने बताया कि द कश्मीर फाइल्स मूवी (The Kashmere Files Movie) के शूटिंग के वक्त ही उन्होंने इसका निर्णय किया था और आज पूरे 32 साल बाद काशी के इस पवित्र तीर्थ पर इस अनुष्ठान को कर उन अतृप्त आत्माओं की शांति और मुक्ति की कामना की है.

आयोजन के मुख्य जजमान डॉ सन्तोष ओझा ने बताया कि कश्मीर में हुए नरसंहार में मारे गए हिंदुओ को आज इस अनुष्ठान के जरिए मुक्ति मिली.बताते चलें कि अकाल मृत्यु के उपरांत मृतक आत्मा की शान्ति और मुक्ति के लिए काशी के पिशाच मोचन तीर्थ पर त्रिपिंडी श्राद्ध की मान्यता है और इसी के निमित ये अनुष्ठान किया गया है.

इस तीर्थ पर अतृप्त आत्माओं को मिलती है मुक्ति
बीएचयू (BHU) (Banaras Hindu University) के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर विनय पांडेय में बताया कि अकाल मृत्यु के बाद अतृप्त आत्माओं की शांति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध का कर्म शास्त्रोक्त है.पूरी दुनिया मे एकमात्र काशी का पिशाच मोचन ही ऐसा तीर्थ है जहां इस अनुष्ठान से अतृप्त आत्माओं को मुक्ति मिल जाती है.यही वजह है कि पूरे देश से लोग यहां इस अनुष्ठान के लिए आते हैं.

Tags: Kashi, Varanasi news



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