Water Logging in Delhi: वाटर लॉगिंग समस्या पर बोले सीएम केजरीवाल, कहा-दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को बनाएंगे वर्ल्ड क्लास

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नई दिल्ली. दिल्ली में अभी मॉनसून (Monsoon) पूरी तरह से नहीं आया है. लेकिन मॉनसून के मद्देनजर होने वाली हल्की बारिश में ही दिल्ली में जगह-जगह वाटर लॉगिंग (Water Logging) की समस्या देखने को मिल रही है. इस समस्या से निजात पाने के लिए और ड्रेनेज सिस्टम (Drainage System) को दुरुस्त करने के लिए दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) की अध्यक्षता में आज अहम रिव्यू मीटिंग हुई.

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इस मीटिंग में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन, दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव के अलावा लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

मीटिंग के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि मानसून को देखते हुए दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर उप-राज्यपाल की ओर से रिव्यू मीटिंग बुलाई गई थी. मीटिंग में सभी संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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सीएम केजरीवाल ने वाटर लॉगिंग की समस्या के समाधान पर कहा कि मिंटो रोड जैसा सिस्टम दिल्ली के अन्य पॉइंट पर भी बनाया जाएगा. उन्होंने नालो और सीवर की नियमित तौर पर साफ सफाई कराने की बात भी कही. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को वर्ल्ड क्लास का बनाया जाएगा.

बताते चलें कि दिल्ली में आज सुबह से हुई बारिश की वजह से कई इलाकों में वाटर लॉगिंग की भीषण समस्या पैदा हो गई.

147 संवेदनशील जगह पर होती है वाटर लॉगिंग

सीएम केजरीवाल ने उन सभी अधिकारियों और इंजीनियरों को बधाई भी दी जिन्होंने मिंटो ब्रिज पर होने वाली वाटर लॉगिंग की समस्या को दूर किया है उन्होंने कहा कि मिंटो ब्रिज पर उनके काम ने साबित कर दिया है कि हमारे पास उन सभी संवेदनशील बिंदुओं पर जल-जमाव को रोकने की क्षमता है जहां दिल्ली में पानी जमा हो जाता है. हम ऐसे 147 संवेदनशील बिंदुओं के बारे में जानते हैं. यदि हम व्यापक मैपिंग करते हैं, तो सभी संभावित संवेदनशील बिंदुओं के समाधान की योजना बनाई जाए और मिंटो ब्रिज की तरह काम किया जाए, तो हम दिल्ली को जल-जमाव से मुक्ति दिला सकते हैं.

सीएम केजरीवाल ने शहर की जल निकासी व्यवस्था में सुधार का आह्वान किया और कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली होने के नाते हमारे पास सबसे अच्छी तरह से डिजाइन की गई जल निकासी प्रणाली होनी चाहिए लेकिन दुर्भाग्यवश हमारे पास नहीं है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई जगह ऐसी हैं जहां जल बोर्ड और एमसीडी के नालों का संगम होता है, उनमें तालमेल नहीं होता. मैं यह सुझाव देना चाहता हूं कि पीडब्ल्यूडी नोडल प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है और दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था को नया स्वरूप देने के लिए एक अभ्यास करता है. यदि एक उत्कृष्ट डिजाइन मौजूद है और सभी एजेंसियां उस पर मिलकर काम कर सकती हैं, तो हम इसे लागू कर सकते हैं.

व्यवस्था लागू होने के बाद सिर्फ एक बार साल में करनी होगी डी-सिल्टिंग

उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था होने के बाद हमें सिर्फ केवल एक बार ही नालों की डी-सिल्टिंग साल में करने की आवश्यकता होगी और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी. इसलिए हमें उस संभावना पर काम करना चाहिए. हमें शहर के लोगों के साथ अपनी शिकायत हेल्पलाइन नंबरों को भी लोकप्रिय बनाने की जरूरत है.

अगले 3 दिनों और अधिक बारिश होने की संभावना

लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन ने एजेंसियों को किसी भी समस्या का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने के लिए कहा. उन्होंने यह भी कहा कि अगले 3 दिनों में अधिक बारिश होने की संभावना है इसलिए हमें स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने की आवश्यकता है. हमें न केवल दिन में बल्कि रात में अतिरिक्त सतर्क रहना है. हमारे पास 1500 से अधिक पंप सेट हैं, हमें उन सभी को तैनात करना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि सभी विभागों में अधिकारियों और इंजीनियरों को 24×7 उपलब्ध रहने और सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि अगले कुछ दिनों में और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है.

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