What was caste of Emperor Ashoka fight in jdu bjp opposition kept mysterious silence jhnj

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पटना. सम्राट अशोक पर दया प्रसाद सिन्हा ने एक बयान देते हुए उनकी तुलना औरंगजेब से कर दी थी. इसके बाद बिहार की सियासत पूरी तरह से गर्मा गई. भाजपा और JDU के बिहार के बड़े नेताओं से लेकर प्रवक्ता तक ने दया प्रसाद सिन्हा पर खूब ज़ुबानी तीर चलाए, लेकिन अन्य दलों ने इस मामले पर चुप्पी साध ली. कोई भी बयान नहीं दिया, जिससे थोड़ी हैरानी होती है. हैरानी की एक वजह ये भी है कि सम्राट अशोक को भी जाति की नजर से देखने की कोशिश भाजपा और JDU की तरफ से की गई. यही वजह है कि दोनों पार्टियों की तरफ से सम्राट अशोक के बहाने राजनीति करने की भरपूर कोशिश हुई और ये सिलसिला अभी भी जारी है.

वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडे कहते हैं कि दरअसल बिहार में जाति की राजनीति एक कटु सत्य है और हर राजनीतिक पार्टी किसी ना किसी जाति विशेष की पार्टी का ठप्पा लगाए हुए है. भले ही दूसरी तरफ A TO Z की पार्टी का दम भरती हो और यही वजह है कि जब सम्राट अशोक को लेकर दया प्रसाद सिन्हा ने जो अमर्यादित टिप्पणी दी, उसके बाद बिहार भाजपा और JDU के कई नेता जो सम्राट अशोक को भी एक जाति विशेष का मानते हैं और उस जाति को भाजपा और JDU का समर्थक माना जाता है, तुरंत मुखर हो गई. वहीं दूसरी तरफ राजद हो या कांग्रेस और दूसरी पार्टियों ने चुप्पी इसलिए भी साध ली, क्योंकि उन्हें लगता है कि सम्राट अशोक के बहाने जो राजनितिक रंग भाजपा और JDU की तरफ से करने की कोशिश की जा रही है उस खांचे में दूसरी राजनीतिक पार्टियां अपने को फिट नही पा रही थी इसीलिए चुप्पी साधने में ही भलाई समझी.

वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडे यह भी कहते हैं कि सम्राट अशोक को लेकर इतिहासकारों ने भी कभी उनके जाति का उल्लेख नहीं किया है, हां यह जरूर कहा है इतिहासकारों ने कि सम्राट अशोक किसान थे, लेकिन बिहार के सियासत में बीजेपी और जेडीयू ने सम्राट अशोक को एक जाति विशेष  बता खूब सियासत की है. इसलिए सम्राट अशोक को लेकर आक्रामक भी हैं.

दरअसल विरोधी पार्टियों ने इसलिए भी चुप्पी साध रखा था कि सम्राट अशोक के बहाने JDU और भाजपा के बड़े नेता एक दूसरे के खिलाफ आक्रामक होकर बयानबाजी कर रहे थे और अभी भी कर रहे हैं. शायद उन्हें NDA में चल रहे आपसी तू-तू मैं-मैं सुनने में मजा आ रहा है. ये राजद प्रवक्ता शक्ति यादव के बयान से भी समझा जा सकता है.

शक्ति यादव कहते हैं कि सम्राट अशोक भारत के चक्रवर्ती सम्राट थे. उनका अनादर करने का हक किसी को भी नहीं है. लेकिन जिस तरह से JDU और भाजपा के लोग आपस में नूरा-कुश्ती का खेल-खेल रहे हैं उसे बिहार की जनता भी समझ रही है. राजद कभी इस तरह की गंदी राजनीति नहीं करती है.

वहीं कांग्रेस MLC प्रेमचंद्र मिश्रा कहते हैं कि JDU और भाजपा जैसी पार्टियां जाति की राजनीति करती रही है, लेकिन सम्राट अशोक जैसे सम्राट को लेकर जिस तरह से भाजपा और JDU के नेता बयानबाजी कर रहे हैं और सम्राट अशोक को भी जाति के बंधन में बांधने की कोशिश कर रहे हैं ऐसा घृणित राजनीति और बयानबाजी कांग्रेस जैसी पार्टी कभी नहीं कर सकती है. हाँ जिसने सम्राट अशोक के बारे में अपशब्द बोला है उन पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए.

आपके शहर से (पटना)

Tags: Bihar News, Bihar politics, Bjp jdu



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