Worlds largest khadi national flag displayed in Jaisalmer along India Pakistan borer on army day 2022 cgpg

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SHREE KANT VYAS

जैसलमेर. भारत में आज का दिन यानी 15 जनवरी बेहद खास है. भारतीय सेना आज अपना स्थापना दिवस मना रही है. सेना दिवस 2022 (Army Day 2022) के मौके पर भारतीय सेना पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर में इतिहास रच दिया. यहां पर देश में तीसरी बार सबसे ऊंचा तिरंगा प्रदर्शित गया है. भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने जैसलमेर स्थित सैन्य स्टेशन में 225 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा राष्ट्रीय ध्वज का अनावरण किया है, जो 26 जनवरी तक रहेगा. समारोह में मुख्य अतिथि बैटल एक्स डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल योगेंद्र सिंह मान ने बटन दबाकर डिस्प्ले किया. इस मौके पर पूर्व महावराल चैतन्यराज सिंह, जैसलमेर वायुसेना स्टेशन के कमांडर ग्रुप कैप्टन एएस पन्नू समेत भारतीय थल सेना और वायु सेना के अधिकारी उपस्थित रहे.

इस ध्वज का निर्माण मैसर्स खादी डायर्स एंड प्रिंटर्स द्वारा किया गया है, जो भारतीय विरासत के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है. यह झंडा सौ प्रतिशत खादी सामग्री से बना है. झंडा फहराना भारत की आजादी के 75वें वर्ष को आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. बता दें कि इससे पहले यह झंडा लद्दाख और मुंबई में दिख चुका है. अब इसे जैसलमेर में लगाया गया है. बैटल एक्स डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल योगेंद्र सिंह मान ने बटन दबाकर डिस्प्ले किया.

आर्मी डे पर सेना की वीरता को किया गया याद

भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित लोंगेवाला में यह विशालकाय तिरंगा प्रदर्शित किया गया है. लोंगेवाला सीमा चौकी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में एक ऐतिहासिक जंग की गवाह रही है. झंडे को लगाने के लिए दर्जनों मजदूर और जेसीबी मशीनें काम में जुटी रही. बताया जा रहा है कि झंडा लगभग 37,500 वर्ग फुट एरिया में फैला है.  सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के मुताबिक,  225 फुट लंबे, 150 फुट चौड़े और करीब 1,400 किलोग्राम वजन वाले इस विशालकाय तिरंगे को प्रदर्शित करने का यह पांचवां सार्वजनिक प्रदर्शन होगा.

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यह झंडा कई किलोमीटर दूर से ही स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. आर्मी डे के दिन भारतीय सेना की वीरता और देश के लिए सेना की कुर्बानी को याद किया जाता है. जैसलमेर में लगाया यह झंडा सेना के मनोबल को और बढ़ाएगा. इस झंडे को 70 कारीगरों ने मिलकर 49 दिनों में तैयार किया है. झंडे को बनाने के लिए 4500 मीटर हाथ से काते और हाथ से बुने खादी के सूती ध्वजपट का इस्तेमाल किया गया है. इससे पहले 2 अक्टूबर 2021 को महात्मा गांधी की 152वीं जयंती पर लेह में दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को फहराया गया था.

आपके शहर से (जैसलमेर)

Tags: Rajasthan news



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