अमित शाह की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, 6 राज्यों की सहमति से बदलेगी यमुना की सूरत

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Kishau Dam Project

देश में पानी और बिजली की किल्लत को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सालों से अटके पड़े ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ (Kishau Multipurpose Dam Project) को लेकर आखिरकार एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में इस प्रोजेक्ट को लेकर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बन गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘संवाद से समाधान’ के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने इस जटिल और पुराने मसले का हल निकाल लिया है। इस फैसले के बाद अब यमुना नदी के पुनर्जीवीकरण और आसपास के राज्यों में पानी-बिजली की सप्लाई में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

इन 6 राज्यों के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता (MoU)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इस पहल पर देश के 6 प्रमुख राज्य इस बहु-उद्देशीय परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए तैयार हो गए हैं। इस मीटिंग में जिन राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बनी है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • दिल्ली
  • उत्तर प्रदेश
  • हरियाण
  • राजस्थान

इस ऐतिहासिक बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। इनके अलावा गृह मंत्रालय, पीएमओ (PMO) और जल शक्ति मंत्रालय के आला अधिकारी भी इस बैठक का हिस्सा रहे। इस सहमति के बाद अब प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) के पास भेजा जाएगा।

केंद्र सरकार उठाएगी 90% खर्च, राज्यों पर सिर्फ 10% का भार

किशाऊ बांध परियोजना के वित्तीय ढांचे (Funding Pattern) को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत जल घटक (Water Component) से जुड़े काम का 90% खर्च खुद केंद्र सरकार वित्तीय सहायता के रूप में उठाएगी। बाकी बचा सिर्फ 10% का खर्च ही इन 6 राज्यों में बांटा जाएगा। इससे राज्यों की तिजोरी पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा और काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

दिल्ली और राजस्थान को मिलेगा ज्यादा पानी

इस बैठक में एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक फैसला लिया गया। हिमाचल प्रदेश के हिस्से आने वाले बिजली घटक (Power Component) की लागत को शेयर करने के बदले एक खास डील हुई है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश अपने हिस्से का आवंटित पानी दिल्ली और राजस्थान को देने के लिए तैयार हो गया है।

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा देश की राजधानी दिल्ली और पानी की कमी से जूझ रहे राजस्थान को मिलेगा। दोनों राज्यों को अपनी जरूरतों के लिए अतिरिक्त पानी मिल सकेगा।

साफ और निर्मल होगी यमुना नदी

यह पूरी परियोजना यमुना नदी के कायाकल्प के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है। किशाऊ बांध बनने से यमुना जी में शुद्ध और साफ जल का प्रवाह (Water Flow) काफी बढ़ जाएगा। पिछले कई सालों से यमुना को प्रदूषण मुक्त और सदाबहार बनाने की जो कोशिशें चल रही थीं, यह फैसला उस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। स्वच्छ और निर्मल यमुना का सपना अब जल्द ही हकीकत में बदलता हुआ नजर आएगा।

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