पुडुचेरी पहुंचे हिमाचल के युवा, उपराज्यपाल से मुलाकात और चोल वास्तुकला ने जीता दिल

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पुडुचेरी पहुंचे हिमाचल के युवा, उपराज्यपाल से मुलाकात और चोल वास्तुकला ने जीता दिल

भारत सरकार की अनोखी पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत देश के अलग-अलग कोनों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का बेहतरीन मौका मिल रहा है। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘युवा संगम’ के छठे चरण (Yuva Sangam Phase 6) के तहत हिमाचल प्रदेश के 58 छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुडुचेरी का एक बेहद खूबसूरत और ज्ञानवर्धक दौरा किया।

एनआईटी पुडुचेरी (NIT Puducherry) द्वारा आयोजित इस 5 दिवसीय यात्रा के दौरान युवाओं ने दक्षिण भारत के रहन-सहन, भाषा, संस्कृति और सामाजिक विविधता को बेहद करीब से महसूस किया।

उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन से युवाओं की खास बातचीत

इस पूरी यात्रा का सबसे मुख्य आकर्षण 12 जून 2026 को राजनिवास में पुडुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाशनाथन के साथ छात्रों की हुई खास मुलाकात रही। इस मुलाकात के दौरान उपराज्यपाल और देश के भविष्य यानी हमारे युवाओं के बीच ‘विकसित भारत 2047’ (Viksit Bharat 2047) के विजन को लेकर खुलकर चर्चा हुई।

बातचीत का मुख्य केंद्र देश का आत्मनिर्भर बनना, युवाओं में स्टार्टअप और उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देना और नवाचार यानी इनोवेशन रहा। उपराज्यपाल ने हिमाचल के युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करें और देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।

चोल वास्तुकला और भव्य गोपुरम देखकर दंग रह गए छात्र

अपनी इस सांस्कृतिक यात्रा के दौरान हिमाचल के इन छात्रों ने तिरुवरूर में स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन त्यागराज मंदिर (Thyagaraja Temple Tiruvarur) के दर्शन भी किए। यह भारत के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में से एक माना जाता है।

चोल राजवंश के समय की अद्भुत वास्तुकला, विशाल गोपुरम, नक्काशीदार पत्थर के गलियारे और पवित्र कमलालयम तालाब की भव्यता को देखकर छात्र पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए। इस ऐतिहासिक भ्रमण ने युवाओं को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और कलात्मक विरासत से रूबरू कराया।

रिसर्च और एजुकेशन के क्षेत्र को भी समझा

सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ-साथ छात्रों के शैक्षणिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए उन्हें तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUTN) का दौरा भी कराया गया। वहां युवाओं ने यूनिवर्सिटी की हाई-टेक लैब्स, आधुनिक रिसर्च सेंटर्स और बेहतरीन एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को देखा। इस विजिट से छात्रों को उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में चल रहे नए-नए अवसरों की बेहतरीन जानकारी मिली।

क्या है ‘युवा संगम’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य?

भारत सरकार का यह ‘युवा संगम’ कार्यक्रम देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को आपस में जोड़ने का एक बेहद मजबूत जरिया बन चुका है। इसका असली मकसद युवाओं में राष्ट्रीय एकता (National Integration) की भावना को मजबूत करना है। जब उत्तर भारत का कोई युवा दक्षिण भारत की संस्कृति, वहां के शिक्षण संस्थानों और विकास कार्यों को अपनी आंखों से देखता है, तो ‘विविधता में एकता’ का नारा असल मायनों में सच साबित होता है।

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