Agniveer Certificate: डिजिलॉकर और APAAR ID से लिंक होगा स्किल सर्टिफिकेट, 4 साल की सेवा के बाद नौकरी पाना होगा आसान

0
Agniveer Certificate

Agniveer Certificate

Agniveer Certificate:  अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत भारतीय सेना में अपनी सेवा देने वाले देश के युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार अब अग्निवीरों को मिलने वाले स्किल सर्टिफिकेट (Agniveer Skill Certificate) को पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक बनाने की तैयारी में जुट गई है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा बनाई जा रही इस नई योजना के तहत, अग्निवीरों का ट्रेनिंग और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट अब सीधे उनके डिजिलॉकर (DigiLocker) अकाउंट और अपार आईडी (APAAR ID) से लिंक किया जाएगा। इस बड़े कदम के बाद देश के पूर्व अग्निवीर महज एक क्लिक में अपने सर्टिफिकेट को कहीं भी एक्सेस और डाउनलोड कर सकेंगे।

आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार की इस नई डिजिटल पहल से अग्निवीरों को भविष्य में क्या-क्या बड़े फायदे मिलने वाले हैं।

क्या है सरकार की नई डिजिटल योजना? (Agniveer Certificate DigiLocker Update)

डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (Digital India Corporation) से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल ही में सैन्य बलों के उच्च अधिकारियों और मंत्रालय के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में अग्निपथ स्कीम के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं को दिए जाने वाले तीन मुख्य दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट में बदलने पर सहमति बनी है:

  • ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (Training Certificate)
  • स्किल सर्टिफिकेट (Skill Certificate)
  • एक्सपीरिएंशियल लर्निंग सर्टिफिकेट (Experiential Learning Certificate)

इसके साथ ही, इस योजना के दायरे में केवल नए अग्निवीर ही नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के रिटायर्ड और वर्तमान समय में कार्यरत जवानों के जरूरी दस्तावेजों को भी डिजिलॉकर के जरिए डिजिटली सुरक्षित करने पर गंभीर चर्चा हुई है।

APAAR ID और ABC बैंक से जुड़ने का क्या होगा फायदा? (APAAR ID & Academic Bank of Credits)

सरकार इस सर्टिफिकेट को सिर्फ डिजिलॉकर तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) से भी जोड़ने पर विचार कर रही है।

  • एक क्रेडेंशियल में सब कुछ: ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत बनने वाली APAAR ID से लिंक होने के कारण अग्निवीरों का यह सर्टिफिकेट उनकी मुख्य पहचान का हिस्सा बन जाएगा।
  • क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा: 4 साल की मिलिट्री सर्विस के दौरान अग्निवीर जो भी टेक्निकल, वोकेशनल या ऑपरेशनल ट्रेनिंग हासिल करेंगे, उसके एवज में उन्हें कुछ एकेडमिक क्रेडिट्स दिए जाएंगे। इन क्रेडिट्स को भविष्य में एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) के जरिए आगे की पढ़ाई या डिग्री पूरी करने के लिए ट्रांसफर और रिडीम (Redeem) कराया जा सकेगा।

भविष्य में नौकरी और वेरिफिकेशन का झंझट होगा खत्म

जैसा कि हम जानते हैं, अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को 4 साल के लिए सेना में सेवा का मौका मिलता है। इसके बाद 25% अग्निवीरों को परमानेंट सर्विस में रख लिया जाता है, जबकि बचे हुए 75% युवाओं को सर्टिफिकेट और सेवा निधि पैकेज के साथ विदा किया जाता है। सेना से बाहर आने के बाद इन युवाओं के लिए यह स्किल सर्टिफिकेट कॉर्पोरेट सेक्टर या सरकारी नौकरियों में एंट्री का सबसे बड़ा जरिया बनता है।

सर्टिफिकेट के डिजिटल होने से ये मुख्य फायदे होंगे:

  • फर्जीवाड़े पर रोक: डिजिलॉकर पर उपलब्ध डॉक्यूमेंट पूरी तरह वेरिफाइड और ओरिजिनल माने जाते हैं, जिससे फर्जी सर्टिफिकेट के मामलों पर लगाम लगेगी।
  • त्वरित वेरिफिकेशन (Instant Verification): जब पूर्व अग्निवीर किसी प्राइवेट या सरकारी नौकरी, पुलिस भर्ती या फिर उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करेंगे, तो कंपनियां और विभाग क्यूआर कोड या डिजिटल सिग्नेचर के जरिए उनके सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन तुरंत ऑनलाइन कर सकेंगे। इससे चयन प्रक्रिया में समय की बड़ी बचत होगी।

कब से शुरू होगी यह नई डिजिटल सेवा?

इस डिजिटल सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को लागू करने के लिए तकनीकी फ्रेमवर्क और डेटाबेस को सिंक करने का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख (Official Date) घोषित नहीं की गई है कि किस दिन से अग्निवीर अपने सर्टिफिकेट डिजिलॉकर पर लाइव देख पाएंगे। लेकिन माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक इस योजना को पूरी तरह से धरातल पर उतार दिया जाएगा।

WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
Join WhatsApp Group

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *