अमरनाथ यात्रा के लिए अभेद्य सुरक्षा कवच, अमित शाह की हाई-लेवल बैठक में ड्रोन और QR कोड पर बड़ा फैसला

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अमरनाथ यात्रा

Amarnath Yatra Security Review Meeting: पवित्र अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक (High-Level Security Review Meeting) की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल देना है।

इस साल की अमरनाथ यात्रा को लेकर गृह मंत्रालय किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। बैठक में देश की सुरक्षा से जुड़े सभी शीर्ष अधिकारी एक मंच पर नजर आए।

इन दिग्गज अधिकारियों की मौजूदगी में बनी महा-रणनीति

इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा और थल सेनाध्यक्ष (Army Chief) समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। इनके अलावा केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (IB) के चीफ, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) जैसे CRPF, BSF, ITBP और CISF के महानिदेशक (DG) भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यात्रा के रूट और लॉजिस्टिक्स को लेकर एक अचूक प्लान तैयार किया है।

मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड और आधुनिक तकनीक का पहरा

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय (Coordination) बनाकर काम करना होगा। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को इतना पुख्ता किया जाएगा कि कोई भी असामाजिक तत्व इसमें सेंध न लगा सके। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  • ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: पूरी यात्रा के दौरान चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरों और हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरों से नजर रखी जाएगी।
  • मल्टी-लेयर सुरक्षा चक्र: जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान मिलकर एक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा (Multi-Layer Security Grid) तैयार करेंगे।
  • कैंपों की सुरक्षा: श्रद्धालुओं के ठहरने वाले शिविरों (Camps) के अंदर और बाहर CAPF की चौबीसों घंटे तैनाती रहेगी।

यात्रियों की सुविधा और QR कोड तकनीक का इस्तेमाल

इस बार की अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है। सरकार ने तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाते हुए कुछ नए नियम तय किए हैं:

  • QR कोड वाले ID कार्ड: यात्रा से जुड़े स्थानीय सेवा प्रदाताओं, खच्चर वालों और स्थानीय लोगों का अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उन्हें QR कोड वाले पहचान पत्र दिए जाएंगे।
  • मौसम का सटीक पूर्वानुमान: मौसम खराब होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था की गई है। मौसम विभाग के रियल-टाइम अपडेट के आधार पर ही जत्थों को आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।
  • स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन: पूरे रूट पर मेडिकल कैंप और ऑक्सीजन सिलेंडर की पर्याप्त व्यवस्था होगी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें मुस्तैद रहेंगी।

Amarnath Yatra Registration: यहाँ से मिलेगी आधिकारिक जानकारी

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, रूट मैप, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Compulsory Health Certificate) और अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों के लिए श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट https://jksasb.nic.in/ पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने अपील की है कि फ्रॉड से बचने के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।

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