EPFO– रिटायरमेंट के बाद हर बुजुर्ग का सबसे बड़ा सहारा उसकी मासिक पेंशन होती है। लेकिन आज की कमरतोड़ महंगाई के दौर में अगर किसी को सिर्फ 1,000 रुपये पेंशन मिले, तो आप खुद सोचिए कि उसका गुजारा कैसे होगा? ईपीएफओ (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स लंबे समय से इस मामूली पेंशन राशि को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अब सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में एक खबर तेज़ी से फैल रही है कि सरकार जल्द ही पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए इस राशि में साढ़े सात गुना तक का इजाफा कर सकती है।
ईपीएस-95 (EPS-95) योजना के तहत आने वाले पेंशनर्स के लिए यह खबर किसी संजीवनी से कम नहीं है। लंबे समय से मजदूर संगठन और पेंशनर यूनियन इस बात पर अड़े हैं कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर कम से कम 7,500 रुपये किया जाए। आइए जानते हैं कि इस दावे में कितनी सच्चाई है और ईपीएफओ में आपकी सुविधा के लिए क्या-क्या नए बदलाव होने जा रहे हैं।
₹1,000 की पेंशन अब बीते जमाने की बात? जानिए ₹7,500 वाला पूरा गणित
मौजूदा समय में ईपीएफओ के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन मात्र 1,000 रुपये है। सच तो यह है कि आज के समय में इतने पैसे में एक महीने की दवाइयाँ भी नहीं आतीं। इसी को ध्यान में रखते हुए श्रम मंत्रालय और संसदीय समितियों के बीच न्यूनतम पेंशन को ₹7,500 तक ले जाने पर मंथन चल रहा है। श्रम संगठनों का तर्क है कि जब तक पेंशन की राशि सम्मानजनक नहीं होगी, तब तक ‘सामाजिक सुरक्षा’ का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
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संसदीय समिति ने भी अपनी सिफारिशों में इस बात का समर्थन किया है कि पेंशन राशि में बढ़ोतरी करना अब वक्त की जरूरत है। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार या वित्त मंत्रालय की ओर से इस पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन सूत्रों की मानें तो पेंशनर्स के कल्याण को देखते हुए जल्द ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो निम्न आय वर्ग वाले लाखों बुजुर्गों को अपनी दैनिक जरूरतों और मेडिकल खर्चों को पूरा करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
ईपीएफओ पोर्टल ‘ई-प्राप्ति’ (E-PRAAPTI): अब बंद पड़े खातों से भी मिलेगा पैसा
डिजिटल इंडिया के दौर में ईपीएफओ ने खुद को पूरी तरह बदल लिया है। अक्सर लोग अपनी पुरानी नौकरी छोड़ते समय अपना पीएफ खाता वहीं भूल जाते हैं, जो बाद में ‘इन-एक्टिव’ या बंद हो जाता है। ऐसे खातों को फिर से चालू करने और उनमें जमा पैसा निकालने के लिए ईपीएफओ ने ‘e-Praapti’ नाम का एक नया पोर्टल लॉन्च किया है।
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इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप केवल अपने आधार कार्ड के जरिए पुराने खातों को लिंक कर सकते हैं। अब आपको पुराने दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, ईपीएफओ ने क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को भी बहुत फास्ट कर दिया है। अब करोड़ों क्लेम्स बिना चेक की फोटो अपलोड किए ही प्रोसेस किए जा रहे हैं, जिससे पैसा सीधे और जल्दी बैंक खाते में पहुंच रहा है।
बड़ी खबर: अब एटीएम (ATM) से निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा!
सोचिए, अगर आपको अपनी जरूरत के वक्त पीएफ का पैसा निकालने के लिए हफ्तों इंतज़ार न करना पड़े और आप सीधे एटीएम जाकर पैसे निकाल सकें, तो कितना अच्छा होगा? ईपीएफओ इसी दिशा में काम कर रहा है। भविष्य में पीएफ फंड की निकासी को इतना आसान बनाने की तैयारी है कि सदस्य बिना किसी देरी के अपनी जमा पूंजी तक पहुंच सकें।
इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर 8.25% ब्याज देने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। यह प्रस्ताव फिलहाल वित्त मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए है। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिलती है, करोड़ों खाताधारकों के अकाउंट में ब्याज का पैसा क्रेडिट होना शुरू हो जाएगा। यह ब्याज दर अन्य बचत योजनाओं के मुकाबले काफी आकर्षक मानी जा रही है।
ईपीएस-95 पेंशनर्स के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?
ईपीएस-95 योजना के तहत वो लोग आते हैं जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी निजी या संगठित क्षेत्र में काम करते हुए बिताई है। महंगाई के इस दौर में उनकी क्रय शक्ति (Purchasing Power) लगातार घट रही है। अगर पेंशन में 7.5 गुना की बढ़ोतरी होती है, तो यह उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि एक सम्मानजनक जीवन जीने का जरिया होगा।
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सरकार पर इस समय चौतरफा दबाव है। एक तरफ संसदीय समिति की सिफारिशें हैं और दूसरी तरफ देशभर के पेंशनभोगियों का आंदोलन। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि बजट सत्र या आगामी कैबिनेट बैठकों में पेंशन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो सकता है।
क्या आपको भी करना चाहिए इंतज़ार?
अगर आप एक ईपीएफओ सब्सक्राइबर हैं, तो आपको अपने यूएएन (UAN) पोर्टल को अपडेट रखना चाहिए। ई-प्राप्ति पोर्टल के जरिए अपने पुराने बैलेंस की जांच करें और सुनिश्चित करें कि आपका आधार और बैंक केवाईसी (KYC) पूरा है। डिजिटल सुधारों के कारण अब ईपीएफओ पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी हो गया है।
पेंशन में बढ़ोतरी और 8.25% ब्याज दर जैसे फैसले जब भी लागू होंगे, उनका लाभ उन्हीं को मिलेगा जिनके रिकॉर्ड्स पूरी तरह अपडेटेड हैं। ईपीएफओ का लक्ष्य अब केवल फंड मैनेज करना नहीं है, बल्कि अपने मेंबर्स को एक ‘यूजर-फ्रेंडली’ अनुभव देना है ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें दफ्तरों की धूल न फाँकनी पड़े।
निष्कर्ष: कितनी उम्मीद और कितना सच?
पेंशन को ₹7,500 करने की मांग जितनी जायज है, उतनी ही यह सरकार के खजाने पर बोझ डालने वाली भी है। इसलिए सरकार बीच का कोई रास्ता निकाल सकती है। हालांकि, ‘ई-प्राप्ति’ पोर्टल और एटीएम निकासी जैसी सुविधाएं यह साफ करती हैं कि ईपीएफओ अब अपने पुराने ढर्रे को छोड़कर आधुनिक बन रहा है।
पेंशनर्स को अब बस उस एक आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतज़ार है जो उनकी 1,000 रुपये वाली पेंशन को सम्मानजनक राशि में तब्दील कर दे। तब तक, ईपीएफओ के नए डिजिटल टूल का इस्तेमाल करें और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।
डिस्क्लेमर: पेंशन राशि में बढ़ोतरी की खबरें फिलहाल प्रस्तावों और चर्चाओं पर आधारित हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट (epfindia.gov.in) पर जाकर लेटेस्ट अपडेट्स जरूर चेक करें।