EPFO – भारतीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए 2026 की सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अगर आपका भी पीएफ का पैसा किसी पुराने खाते में फंसा हुआ है और आपके पास उसका कोई रिकॉर्ड या UAN (Universal Account Number) नंबर नहीं है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने ऐसे लाखों कर्मचारियों की मदद के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘e-Praapti’ पोर्टल लॉन्च करने का ऐलान किया है।
इस नए अपडेट के बाद अब उन लोगों की भी चांदी होने वाली है जो बरसों पहले नौकरी छोड़ चुके थे और अपना पीएफ बैलेंस भूल गए थे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इस योजना की रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि सरकार का लक्ष्य हर एक कर्मचारी के पसीने की कमाई को उन तक पहुँचाना है। आइए जानते हैं कि इस नए सिस्टम से आपको कैसे फायदा होगा और आपकी पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होने वाली है।
also Read – EPFO – EPS-95 मिनिमम पेंशन 7.5 गुना बढ़ने पर आया सबसे बड़ा अपडेट, जानिए पूरी डिटेल
क्या है ‘e-Praapti’ पोर्टल और यह कैसे करेगा आपकी मदद?
ईपीएफओ द्वारा शुरू किया जा रहा ‘e-Praapti’ (EPF Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts) एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो विशेष रूप से बंद पड़े यानी इन-ऑपरेटिव खातों के लिए बनाया गया है। अक्सर देखा जाता है कि 20-30 साल पहले जब पीएफ का सारा काम कागजों पर होता था, तब लोगों के पास UAN नंबर नहीं होते थे। नौकरी बदलने पर पुराने दफ्तर से रिकॉर्ड मिलना भी मुश्किल हो जाता था।
अब ‘e-Praapti’ पोर्टल के जरिए आप केवल अपने आधार कार्ड की मदद से अपना पुराना पीएफ खाता खोज पाएंगे। यह पोर्टल आपकी पहचान को आधार से वेरीफाई करेगा और आपके पुराने रिकॉर्ड को ट्रैक करके उसे आपके वर्तमान एक्टिव UAN नंबर से लिंक कर देगा। इसका मतलब यह है कि अब बिना किसी भाग-दौड़ के आपका बरसों पुराना फंसा हुआ पैसा आपके हाथ में होगा।
also Read – अब नहीं कटेगी बिना बताए बिजली, स्मार्ट प्रीपेड मीटर का झंझट खत्म, जानें नया नियम
करोड़ों खातों में फंसा है पैसा: चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ के पास इस समय लगभग 31.8 लाख ऐसे खाते हैं जो पूरी तरह से निष्क्रिय (Inoperative) पड़े हैं। इनमें जमा राशि करोड़ों में है, लेकिन इनके दावेदार सामने नहीं आ रहे थे। इन खातों का डेटा कुछ इस प्रकार है:
- 5 से 10 साल से बंद खाते: लगभग 41% (करीब 13 लाख खाते) ऐसे हैं जो पिछले एक दशक से बंद पड़े हैं।
- 20 साल से ज्यादा पुराने खाते: लगभग 22% (करीब 7 लाख खाते) ऐसे हैं जो दो दशकों से भी अधिक समय से निष्क्रिय हैं।
- अन्य निष्क्रिय खाते: लगभग 37% (करीब 11.76 लाख खाते) अन्य कैटेगरी में आते हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि एक बड़ी आबादी अपना पीएफ फंड भूल चुकी है। ‘e-Praapti’ पोर्टल इन सभी खातों को दोबारा जीवित करने का काम करेगा, जिससे कर्मचारी या उनके परिवार के सदस्य आसानी से क्लेम कर सकेंगे।
खुशखबरी: मिनिमम पेंशन ₹1,000 से बढ़कर हो सकती है ₹7,500
पेंशनर्स के लिए भी एक बहुत बड़ी अपडेट निकलकर आ रही है। लंबे समय से ईपीएस-95 (EPS-95) के तहत आने वाले पेंशनभोगी न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। फिलहाल, रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को न्यूनतम ₹1,000 की मासिक पेंशन मिलती है, जिसे आज की महंगाई के हिसाब से बहुत कम माना जा रहा है।
also Read – DA Hike 2026 – IBA ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, अब हर महीने सैलरी में आएगा इतना उछाल
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार इस न्यूनतम पेंशन को सीधे ₹7,500 करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। पेंशनभोगी संगठनों और मजदूर यूनियनों ने सरकार पर दबाव बनाया है कि सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पेंशन की राशि में कम से कम 7.5 गुना की बढ़ोतरी की जाए। अगर इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लग जाती है, तो देश के लाखों बुजुर्गों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा।
आधार कार्ड से पुराने पीएफ खाते को ट्रैक करने का तरीका
नए पोर्टल के आने के बाद प्रक्रिया बहुत ही सरल होने वाली है। जिन लोगों के पास अपनी पुरानी कंपनी की पे-स्लिप या पीएफ नंबर नहीं है, उन्हें बस कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
- सबसे पहले ‘e-Praapti’ पोर्टल पर जाना होगा।
- वहां अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा।
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए वेरिफिकेशन करना होगा।
- सिस्टम आपके नाम, जन्मतिथि और आधार डेटा का मिलान ईपीएफओ के पुराने डेटाबेस से करेगा।
- मैच मिलते ही आपके पुराने खाते की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे आप अपने मौजूदा डिजिटल प्रोफाइल से जोड़ पाएंगे।
यह सुविधा उन लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत है जिनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और उनका पीएफ का पैसा विभाग के पास ही पड़ा रह गया था। अब नॉमिनी भी आधार के जरिए इस पैसे पर अपना दावा ठोक सकेंगे।
ईपीएफओ के डिजिटल सुधार: कर्मचारियों के लिए सुगम हुई राह
ईपीएफओ पिछले कुछ सालों से अपनी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने में जुटा है। ‘ई-प्राप्ति’ पोर्टल इसी कड़ी का एक हिस्सा है। सरकार का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से बिचौलियों का रोल खत्म होगा और कर्मचारी सीधे विभाग से जुड़ सकेंगे।
जब पुराने खाते वर्तमान UAN से लिंक हो जाएंगे, तो पीएफ का पूरा बैलेंस एक जगह दिखेगा। इससे न केवल रिटायरमेंट पर मिलने वाली राशि बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों को अपने कुल निवेश का सही अंदाजा भी लग सकेगा। इसके अलावा, पेंशन में संभावित बढ़ोतरी से निजी क्षेत्र के कर्मचारियों का भविष्य और भी सुरक्षित होने की उम्मीद है।
नोट: पीएफ और पेंशन से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स के लिए ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट (epfindia.gov.in) पर नजर बनाए रखें। यह आर्टिकल नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है।