मामी के प्यार में भांजा बना ‘जल्लाद’, मामा को पता चला तो हथौड़े से उतार दिया मौत के घाट!

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मामी के प्यार में भांजा बना 'जल्लाद', मामा को पता चला तो हथौड़े से उतार दिया मौत के घाट!

मामी के प्यार में भांजा बना 'जल्लाद', मामा को पता चला तो हथौड़े से उतार दिया मौत के घाट!

Harda Murder Mystery: कहते हैं कि प्यार अंधा होता है, लेकिन जब यह अंधापन रिश्तों की मर्यादा लांघ जाए, तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी गवाह मध्यप्रदेश के हरदा जिले की पुलिस बनी है। हरदा के रन्हाई गांव में एक ऐसी वारदात हुई है जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक भांजे ने अपनी ही मामी के प्यार में पागल होकर अपने सगे मामा की बेरहमी से हत्या कर दी।

यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी जिसमें पत्नी ने ही अपने पति की ‘लोकेशन’ कातिलों को दी थी। पुलिस ने जब इस केस की परतें खोलीं, तो जो सच सामने आया उसे सुनकर गांव वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आइए जानते हैं उस काली रात की पूरी कहानी और कैसे पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई।

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6 साल का अफेयर और मामा की एंट्री

इस खौफनाक कहानी की शुरुआत आज से 6 साल पहले हुई थी। आरोपी भांजे अजय बिल्लौरे और उसकी मामी क्षमाबाई के बीच अवैध संबंध चल रहे थे। मामा विश्राम गाठे को इस बात की भनक नहीं थी, लेकिन ‘इश्क और मुश्क’ छुपाए नहीं छुपते। धीरे-धीरे विश्राम को अपनी पत्नी और भांजे की करतूतों का पता चल गया।

रिश्तों की इस गंदगी का पता चलते ही घर में झगड़े शुरू हो गए। विश्राम अपनी पत्नी के साथ मारपीट करने लगा और अजय को जान से मारने की धमकी देने लगा। बस यही बात भांजे को चुभ गई। उसे लगा कि जब तक मामा जिंदा है, वह अपनी मामी के साथ चैन से नहीं रह पाएगा। यहीं से शुरू हुआ मौत का खूनी खेल।

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मामी ने दी लोकेशन और भांजे ने चलाया हथौड़ा

14 अप्रैल 2026 की उस काली रात को साजिश को अंजाम दिया गया। अजय ने अपने एक साथी सचिन निषोद को भी इस खूनी खेल में शामिल किया। साजिश की सबसे बड़ी मोहरा खुद मृतक की पत्नी क्षमाबाई थी। जैसे ही विश्राम रात के करीब 11 बजे खेत पर काम करने के लिए घर से निकला, क्षमाबाई ने तुरंत फोन करके अजय को उसकी लोकेशन बता दी।

अजय और सचिन पहले से ही नहर के पास बाइक लेकर घात लगाए बैठे थे। जैसे ही मामा विश्राम वहां से गुजरा, दोनों ने उसे घेर लिया। अजय ने बिना सोचे-समझे भारी-भरकम हथौड़े से मामा के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। हमला इतना जोरदार था कि विश्राम की मौके पर ही मौत हो गई। कत्ल के बाद दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

हादसा दिखाने की कोशिश, पर पोस्टमार्टम ने खोला राज

शुरुआत में परिवार और गांव वालों को लगा कि शायद यह कोई सड़क हादसा है या विश्राम कहीं गिर गया होगा। लेकिन जब मृतक के बेटे ने पुलिस को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। रिपोर्ट में साफ लिखा था कि सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार किया गया है, जो किसी हादसे का हिस्सा नहीं हो सकता।

पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया और शक की सुई घर के करीबियों पर घूमने लगी। पुलिस ने जब संदिग्धों के मोबाइल नंबरों की जांच की, तो पता चला कि वारदात वाली रात भांजे अजय और मामी क्षमाबाई के बीच कई बार बातचीत हुई थी। बस यहीं से पुलिस को वो सिरा मिल गया जिसकी उसे तलाश थी।

पुलिस की सख्ती के आगे टूटा भांजा, उगल दिया सारा सच

हरदा पुलिस ने जब अजय बिल्लौरे को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक सका। उसने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। अजय ने बताया कि वह अपनी मामी से बेहद प्यार करता है और मामा उनके बीच का कांटा बन गया था। उसे डर था कि मामा उसे मार देगा, इसलिए उसने पहले ही मामा को खत्म करने का फैसला कर लिया।

पुलिस ने अजय के साथ उसके साथी सचिन को भी गिरफ्तार कर लिया है। कत्ल में इस्तेमाल किया गया हथौड़ा और बाइक भी बरामद कर ली गई है। फिलहाल दोनों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं। पुलिस अब इस मामले में पत्नी (मामी) की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है, ताकि उसे भी कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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हरदा पुलिस की मुस्तैदी और समाज के लिए सबक

इस केस को सुलझाने में हरदा पुलिस ने कमाल की फुर्ती दिखाई। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर महज कुछ ही घंटों में कातिल सलाखों के पीछे पहुँच गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस केस में इतनी मजबूत चार्जशीट पेश करेंगे कि आरोपियों को फांसी या उम्रकैद जैसी सख्त सजा मिले।

यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर समाज में नैतिक मूल्यों की कितनी कमी हो गई है। एक रिश्ता जो सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक था, वह हवस और नफरत की भेंट चढ़ गया। रन्हाई गांव के लोग आज भी इस घटना से सदमे में हैं और कातिल भांजे व बेवफा पत्नी को कोस रहे हैं।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट और मीडिया सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी अपराध के मामले में अंतिम फैसला अदालत का होता है। हमारा उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना है।

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