LPG Cylinder Price 2026: आज शुक्रवार, 8 मई 2026 को भारतीय तेल कंपनियों ने रसोई गैस की नई कीमतें जारी कर दी हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी हलचल के बावजूद आज घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं, जो आम जनता के लिए राहत की बात है। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले व्यापारियों को इस महीने भारी बोझ उठाना पड़ रहा है, क्योंकि 1 मई को इनके दामों में करीब 993 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधाओं के चलते गैस की कीमतों पर दबाव साफ देखा जा रहा है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल, जानें दिल्ली से पटना तक के रेट
1 मई 2026 से लागू हुए नए नियमों के बाद 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं। दिल्ली में जो कमर्शियल सिलेंडर पहले 2,078.50 रुपये का था, वह अब 3,071.50 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में इसकी कीमत 3,024 रुपये और कोलकाता में 3,202 रुपये तक पहुंच गई है। हैदराबाद और पटना जैसे शहरों में तो यह आंकड़ा 3,300 रुपये के भी पार निकल गया है। कमर्शियल गैस की कीमतों में आई इस बड़ी तेजी का सीधा असर अब रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा मालिकों पर पड़ रहा है, जिससे बाहर का खाना महंगा होने की पूरी संभावना है।
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घरेलू रसोई गैस (14.2 kg) के दाम: आपके शहर में आज कितनी है कीमत
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत यह है कि 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में आज कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 913 रुपये और मुंबई में 912.50 रुपये पर स्थिर है। चेन्नई में इसकी कीमत 928.50 रुपये और बेंगलुरु में 915.50 रुपये बनी हुई है। पटना में घरेलू गैस सिलेंडर 1,002.50 रुपये के स्तर पर है। हालांकि, मार्च के महीने में घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से कीमतें इसी स्तर पर टिकी हुई हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
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LPG सिलेंडर बुकिंग के नए नियम: अब 25 दिन से पहले नहीं होगा रिफिल
सरकार ने देश में गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग 45 दिन के अंतराल के बाद ही अपना अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे। इससे पहले यह समय सीमा 21 दिनों की थी। इसके अलावा, सरकार ने ‘वन हाउसहोल्ड-वन कनेक्शन’ नीति को भी कड़ाई से लागू किया है। अब एक ही पते पर एलपीजी और पीएनजी (पाइप वाली गैस) दोनों कनेक्शन रखना प्रतिबंधित है। अगर आपके घर में पीएनजी कनेक्शन लगा है, तो आपको अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा।
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क्यों बदल रहे हैं गैस के दाम? अंतरराष्ट्रीय बाजार और सप्लाई चेन का असर
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60% हिस्सा आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया के देशों से आता है। वर्तमान में लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख समुद्री रास्तों पर चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों (Exchange Rates) के आधार पर कमर्शियल गैस के दाम तय करती हैं। यही कारण है कि पिछले तीन महीनों से कमर्शियल गैस के दामों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जबकि घरेलू गैस की कीमतों को सरकार के हस्तक्षेप से नियंत्रित रखने की कोशिश की जाती है।