Income Tax New Portal: विभाग ने बदला TDS का नियम, TRACES 2.0 पोर्टल पर अभी निपटा लें ये जरूरी काम

Income Tax New Portal: इनकम टैक्स भरने वालों के लिए एक ऐसी खबर आई है जो सीधे उनके डिजिटल काम को आसान बनाने वाली है। अगर आप भी टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) के झंझटों से परेशान रहते थे, तो अब राहत की सांस लीजिए क्योंकि सरकार ने पुराने और धीमे सिस्टम को अलविदा कह दिया है।

आयकर विभाग ने हाल ही में अपना बिल्कुल नया ‘TRACES 2.0’ पोर्टल लॉन्च कर दिया है, जो न केवल तेज है बल्कि इस्तेमाल करने में भी बेहद सरल है। इनकम टैक्स एक्ट 2025 के नए नियमों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह डिजिटल प्लेटफॉर्म अब टैक्स कंप्लायंस को एक नया अनुभव देने वाला है।

यह पढ़े –MP Board 12th Result 2026: खुशखबरी! एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, यहाँ से डायरेक्ट चेक करें अपना स्कोर

TRACES 2.0 पोर्टल में क्या नया है और यह कैसे काम करेगा?

इनकम टैक्स विभाग की नई वेबसाइट traces.tdscpc.gov.in अब पूरी तरह से नए अवतार में आपके सामने है। इसका इंटरफेस पुराने पोर्टल के मुकाबले काफी मॉडर्न बनाया गया है ताकि एक आम आदमी भी बिना किसी एक्सपर्ट की मदद के अपनी डिटेल्स चेक कर सके।

इस पोर्टल पर एक शानदार डैशबोर्ड दिया गया है, जहाँ से आप सीधे टीडीएस फॉर्म और सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। इतना ही नहीं, अपने टीडीएस क्रेडिट को ट्रैक करना और किसी भी गलती को सुधारना अब पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गया है। इसकी परफॉर्मेंस को इतना बूस्ट किया गया है कि हैवी ट्रैफिक के दौरान भी यह पोर्टल हैंग नहीं होगा।

यह पढ़े –किसानों के लिए बड़ी खबर! 23वीं किस्त की तारीख पर आया बड़ा अपडेट – PM Kisan 23rd Installment

नए पोर्टल का इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका

अगर आप पहली बार इस पोर्टल पर जा रहे हैं, तो प्रोसेस बहुत सिंपल है। सबसे पहले अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर गूगल क्रोम खोलें। एड्रेस बार में traces.tdscpc.gov.in टाइप करके एंटर दबाएं। आपके सामने नई वेबसाइट का होमपेज खुल जाएगा।

मजेदार बात यह है कि अगर आप गलती से पुरानी वेबसाइट का लिंक भी खोल लेते हैं, तो यह सिस्टम आपको खुद-ब-खुद नए पोर्टल पर भेज देगा। इसके अलावा, एनआरआई (NRI) टैक्सपेयर्स के लिए एक अलग पोर्टल nriservices.tdscpc.gov.in भी बनाया गया है, ताकि उन्हें अपनी टैक्स जरूरतों के लिए भटकना न पड़े।

प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए क्या हैं खास नियम?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि TRACES 2.0 पोर्टल आने के बाद भी प्रॉपर्टी खरीदारों को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। फिलहाल प्रॉपर्टी की खरीद पर टीडीएस जमा करने के लिए खरीदार इस पोर्टल का सीधा इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए पुराने नियमों और पोर्टल्स की मदद लेनी होगी।

टैक्सपेयर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने डैशबोर्ड पर टीडीएस क्रेडिट को नियमित रूप से चेक करते रहें। नए पोर्टल की मदद से अब सर्टिफिकेट्स में बदलाव करना और सही टैक्स ईयर का चुनाव करना बहुत आसान हो गया है। बस याद रखें कि किसी भी गलती को सुधारने के लिए तय समय सीमा के अंदर ही आवेदन करें।

यह पढ़े –पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में हर महीने ₹9000 जमा करने पर मिलेंगे पूरे ₹15.37 लाख, यहाँ देखें पूरी डिटेल्स

नए फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का आगाज और जरूरी डेडलाइन्स

अप्रैल का महीना शुरू होते ही नया वित्त वर्ष भी शुरू हो चुका है। सैलरी पाने वाले ज्यादातर लोग सिर्फ जुलाई की डेडलाइन को याद रखते हैं, लेकिन हकीकत में टैक्स की दुनिया में उससे पहले भी बहुत कुछ करना बाकी है। अप्रैल से जून के बीच कई ऐसे काम हैं जिन्हें न करने पर भारी जुर्माना लग सकता है।

WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
Join WhatsApp Group

अप्रैल के महीने में टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करना, फॉर्म 15G/15H भरना और मार्च महीने के टीडीएस/टीसीएस का हिसाब करना सबसे जरूरी है। अगर आप इन तारीखों को मिस करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस आने का खतरा बना रहता है। इसलिए अपनी डायरी में इन तारीखों को पहले ही मार्क कर लें।

एडवांस टैक्स और टीडीएस जमा करने की महत्वपूर्ण तारीखें

मई का महीना अप्रैल के टीडीएस डिपॉजिट और सालाना वित्तीय लेनदेन (SFT) की रिपोर्टिंग के लिए तय है। इसके बाद जून का महीना बेहद अहम हो जाता है क्योंकि 15 जून तक आपको अपनी पहली एडवांस टैक्स की किस्त जमा करनी होती है। यह उन लोगों के लिए जरूरी है जिनकी टैक्स देनदारी साल में 10 हजार रुपये से ज्यादा बनती है।

जैसे ही हम जुलाई में प्रवेश करते हैं, 31 जुलाई की वो तारीख आती है जिसका सबको इंतजार रहता है। सैलरीड क्लास और वो टैक्सपेयर्स जिनका ऑडिट नहीं होना है, उन्हें इस तारीख तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) हर हाल में भर देना चाहिए। देरी करने पर न सिर्फ जुर्माना लगता है बल्कि आप कई डिडक्शन का फायदा भी खो देते हैं।

सितंबर से दिसंबर तक का टैक्स कैलेंडर

सालाना टैक्स प्लानिंग यहीं खत्म नहीं होती। 15 सितंबर तक आपको अपने कुल एडवांस टैक्स का 45% हिस्सा जमा करना होता है। वहीं जिन कारोबारियों का ऑडिट होना है, उनके लिए 31 अक्टूबर आखिरी तारीख होती है। नवंबर का महीना ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट जमा करने के लिए रिजर्व रहता है।

साल के आखिरी महीने यानी दिसंबर में भी दो बड़ी डेडलाइन्स आती हैं। 15 दिसंबर तक 75% एडवांस टैक्स जमा करना होता है और 31 दिसंबर वह आखिरी मौका होता है जब आप अपना ‘लेट’ या ‘रिवाइज्ड’ आईटीआर फाइल कर सकते हैं। इसके बाद साल 2026-27 के लिए सुधार की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है।

टैक्सपेयर्स के लिए एक्सपर्ट टिप्स

इनकम टैक्स विभाग का यह नया पोर्टल आपकी मदद के लिए है, लेकिन डेटा की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। हमेशा अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड को सुरक्षित रखें। TRACES 2.0 पर अपना फॉर्म 26AS समय-समय पर चेक करते रहें ताकि यह पता चल सके कि आपकी कंपनी या बैंक ने आपका टीडीएस सही समय पर जमा किया है या नहीं।

अगर आपकी सैलरी से टीडीएस कट रहा है और वो आपके पोर्टल पर नहीं दिख रहा, तो तुरंत अपने एम्प्लॉयर से संपर्क करें। नया पोर्टल अब ज्यादा पारदर्शी है, इसलिए आप अपनी हर शिकायत का ऑनलाइन ट्रैक रिकॉर्ड रख सकते हैं। स्मार्ट टैक्सपेयर वही है जो डेडलाइन का इंतजार नहीं करता, बल्कि काम पहले ही निपटा लेता है।

अस्वीकरण: यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आयकर विभाग की जानकारी पर आधारित है। टैक्स संबंधी किसी भी बड़े फैसले या फाइलिंग के लिए कृपया किसी प्रोफेशनल सीए (CA) या आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की सलाह जरूर लें।

Leave a Comment